विचार

दिल्ली के द्वारका में जिस तरह अफ्रीकी लोगों को निशाना बनाया गया, वह बेहद दुखद है। इससे देश की छवि को गहरा धक्का लगा है। हमले के पीछे की वजह तो हैरान करने वाली है। दरअसल किसी बच्चे के गायब होने पर यह अफवाह उड़ा दी गई कि कुछ अफ्रीकियों ने उसे अगवा कर उसका
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गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती के मद्देनजर भारत के सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर साहिब गलियारा खोलने का पाकिस्तान का फैसला बहुत बड़ी राहत है। न केवल पिछले 70 साल से इस फैसले का इंतजार कर रहे सिख श्रद्धालु इस फैसले से गदगद हैं बल्कि भारत-पाकिस्तान के ठंडे पड़ते रिश्तों में भी
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग जम्मू-कश्मीर में सियासी तूफान उठा और फिर शांत हो गया। इसका एक नतीजा यह निकला कि राज्य की विधानसभा भंग हो गई। लेकिन इसके कुछ छुपे हुए नतीजे भी होंगे, जो बाद में नजर आएंगे। बीते बुधवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर एक पत्र अपलोड कर 56 विधायकों
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84 दंगे में पहली फांसी 1984 के सिख विरोधी दंगों में 34 साल बाद पहली बार किसी को मौत की सजा सुनाई गई है। इससे दंगा पीड़ितों को राहत मिली है और यह उम्मीद बढ़ी है कि इस हत्याकांड के ज्यादा रसूख वाले गुनहगारों पर भी देर-सबेर कानून का शिकंजा कसेगा। पटियाला हाउस कोर्ट ने
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सरकार और रिजर्व बैंक केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच पिछले कुछ समय से तीखा हो चला तनाव फिलहाल खत्म हुआ सा लग रहा है। दोनों पक्षों ने परिपक्वता का परिचय देते हुए विवादित मुद्दों के समाधान का रास्ता खोजने की कोशिश की है। एक विशेषज्ञ समिति यह तय करेगी कि रिजर्व बैंक
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पंजाब में सिखों के प्रमुख धार्मिक शहर अमृतसर से करीब दस किलोमीटर दूर एक गांव में स्थित निरंकारी भवन पर हुए हमले ने चिंता बढ़ा दी है। इस घटना में तीन लोग मारे गए हैं और कम से कम 19 घायल हुए हैं। पिछले हफ्ते ही पंजाब पुलिस ने पाकिस्तानी मूल के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद
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आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने अपने राज्यों में सीबीआई की कार्रवाई को लेकर दी गई सामान्य स्वीकृति वापस लेने की घोषणा की है और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनके इस कदम का समर्थन किया है। उनकी इस दुखद पहल से हमारे संघीय ढांचे में सिर उठा रही एक नई समस्या
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बाघ लगातार मर रहे हैं। कहीं उनका शिकार हो रहा है, कहीं वे दुर्घटना में मारे जा रहे हैं, तो कहीं इंसानी आबादी के बीच आ जाने के कारण लोग उन्हें मार दे रहे हैं। बुधवार को ओडिशा के सतकोसिया वन्यजीव अभयारण्य के अंदरूनी क्षेत्र में महावीर नामक एक बाघ मृत पाया गया। इससे देश
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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने बुधवार को जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट के जरिए नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट 29 को सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचाकर रॉकेट साइंस के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर पार कर लिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की बदौलत भारत अंतरिक्ष अभियानों के मामले में दुनिया के चुनिंदा देशों के ग्रुप में शामिल हो
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देश में बिक रहे करीब 50 फीसदी दूध में मिलावट पाई गई है। यह खुद में काफी परेशान करने वाली खबर है। जांच के लिए उठाए गए नमूनों में कच्चा और प्रॉसेस्ड, दोनों तरह के दूध शामिल हैं। फसाई (फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के सर्वे से यह खुलासा हुआ है। फसाई ने
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हिंदी पट्टी के पिछड़ेपन की जड़ें उसके भाषिक चरित्र में भी हैं। जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि हिंदी बोलने वाले 52 करोड़ लोगों में केवल 3.2 करोड़ ही द्वैभाषिक हैं। मतलब, इतने ही लोग अपनी भाषा के अलावा अंग्रेजी पढ़-लिख सकते हैं। उनसे काफी कम आबादी वाले कई अन्य भाषा-भाषी अंग्रेजी ज्ञान में उनसे
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भारत की डिवेलपमेंट स्टोरी के लिए यह सर्वेक्षण किसी तमाचे से कम नहीं है। वडोदरा के गैर सरकारी संगठन ‘सहज’ और इक्वल मेजर्स 2030 के एक सर्वे के अनुसार भारत में करीब एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं पतियों से पिटती हैं। 15 से 49 साल के आयु वर्ग की महिलाओं में से करीब 27 फीसदी 15 साल
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आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव इन दिनों अपने एक निजी फैसले के कारण सुर्खियों में हैं। वह अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक लेना चाहते हैं। चूंकि मामला एक चर्चित सियासी परिवार से जुड़ा है, इसलिए लोग आदतन इसमें मनोरंजन का मसाला ढूंढ़ रहे हैं। तेजप्रताप पर मीडिया का इतना
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फाइल फोटो अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों का संदेश स्पष्ट है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप खुद को बदलें और व्यावहारिक व संतुलित रवैया अपनाएं। गौरतलब है कि अमेरिकी संसद के चुनाव में डेमोक्रैट्स ने निचले सदन प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लिया है हालांकि सीनेट में रिपब्लिकंस का दबदबा बरकरार रहा। सीनेट की
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खाड़ी देशों में कमाने गए हिंदुस्तानी वहां से अपनी गाढ़ी कमाई का जो हिस्सा घर भेजते हैं, उसकी चर्चा हमेशा होती है। लेकिन इसकी जो कीमत उन्हें चुकानी पड़ती है, उस पर अमूमन किसी का ध्यान नहीं जाता। हाल ही में आरटीआई के तहत हासिल की गई सूचनाओं के विश्लेषण से जो चित्र सामने आ
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सांकेतिक तस्वीर दिवाली आज है लेकिन इसकी जगर-मगर हफ्ता भर पहले ही दिखने लगी थी। पिछले कुछ सालों से इस त्योहार में खुशी और उत्साह से ज्यादा एक तरह की बेचैनी और हड़बड़ाहट का पुट आ गया है। एक अजीब सी होड़ नजर आती है कि कहीं हम पीछे न रह जाएं। पिछली बार एक
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