नन्ही दुनिया

छोटा सोचने से क्या फायदा…  एक बार कि बात है एक गांव में एक गरीब लड़का रहता था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। कई-कई बार तो हालात ऐसे हो जाते थे कि उसके घर में सभी सदस्यों के लिए पेटभर खाना तक नहीं बन पाता था। जैसे-तैसे उसके माता-पिता ने उसे ग्रेजुएशन
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आलू की चड्डी ढीली थी, कुर्ता ढीला बैंगन का। दोनों ही नाराज बहुत थे, हुआ न कुछ उनके मन का। कहा मटर ने अरे मूर्खों, आपस में बदलो कपड़े। ढीले-ढाले कपड़े पहने, व्यर्थ रो रहे पड़े-पड़े। अदला-बदली से दोनों को, सच में मजा बहुत आया। बैंगन को चड्डी फिट बैठी, आलू को कुर्ता भाया।
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1 जुलाई 1882 को पटना (बिहार) जिले के बांकीपुर गांव में डॉ॰ बिधान चंद्र राय का जन्म हुआ था। बिधान चंद्र राय अपने पांचों भाई-बहनों सबसे छोटे थे। उनके पिता का नाम प्रकाशचंद्र राय था। उनके पिता डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। भारत में 1 जुलाई को उनका जन्मदिन ‘राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस’ के
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इंटरनेशनल जोक्स डे मनाने का मुख्य उद्देश्य हंसना और हंसाना है। आप भी इस दिन जोक्स के जरिए अपने आसपास के लोगों को हंसने पर मजबूर कीजिए। दुनिया भले ही अलग-अलग धर्म और संस्कृति में बंटती हो, लेकिन एक बात दुनियाभर के हर इंसान को एक-दूसरे से जोड़ती है, वह है हास्य-व्यंग्य। हंसी-खुशी, मस्ती-मजाक ऐसे
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एक बार गोलूकार से कहीं जा रहा था, रास्ते में उसे एक ट्रक ने ओवरटेक किया। उस ट्रक के पीछे लिखा था- ‘पढ़ने वाला पागल है।’ यह पढ़ते ही गोलू आग-बबूला हो गया, उसे बहुत गुस्सा आया। उसने तुरंत अपनी कार दौडा़ई और ट्रक को ओवरटेक करके रोका। ….और ट्रक के पीछे जाकर लिख दिया
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अध्यापक (छात्र से)- बताओ! काल कितने प्रकार के होते है। …. छात्र- काल 3 प्रकार के होते है। अध्यापक- ओके, अब बताओ 3 प्रकार के काल कौन से है। छात्र ने जवाब दिया- जी, डायल काल, मिस काल और रिसीव काल।
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पुरूषोत्तम दास टंडन एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राजनयिक, पत्रकार, वक्ता, समाज सुधारक तथा हिन्दी भाषा के सेवक थे। उनके पिता का नाम सालिकराम था। स्वाधीनता आंदोलन के दौरान वे कई बार जेल भी गए। वे सरलता, सेवा और सादगी की प्रतिमूर्ति थे। उनका विवाह चंद्रमुखी देवी (मुरादाबाद) के साथ हुआ था। हिंदी को भारत की
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