नन्ही दुनिया

जन्म : 28 जनवरी 1865, मृत्यु : 17 नवंबर 1928 आजादी की लड़ाई का इतिहास क्रांतिकारियों के विविध साहसिक कारनामों से भरा पड़ा है और ऐसे ही एक वीर सेनानी थे लाला लाजपत राय जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। > भारत के वीर सेनानी लाला लाजपत राय जी का जन्म 28
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भारतीय इतिहास में बिरसा मुंडा एक ऐसे नायक थे जिन्होंने भारत के झारखंड में अपने क्रांतिकारी चिंतन से उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में आदिवासी समाज की दशा और दिशा बदलकर नवीन सामाजिक और राजनीतिक युग का सूत्रपात किया। काले कानूनों को चुनौती देकर बर्बर ब्रिटिश साम्राज्य को सांसत में डाल दिया। 15 नवंबर 1875 को
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प्रदूषण एक समस्याप्रस्तावना : विज्ञान के इस युग में मानव को जहां कुछ वरदान मिले है, वहां कुछ अभिशाप भी मिले हैं। प्रदूषण एक ऐसा अभिशाप हैं जो विज्ञान की कोख में से जन्मा हैं और जिसे सहने के लिए अधिकांश जनता मजबूर हैं। प्रदूषण का अर्थ : प्रदूषण का अर्थ है -प्राकृतिक संतुलन में
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ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी… भारत में प्रतिवर्ष 14 नवंबर को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। जो सपने
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पंडित जवाहरलाल नेहरू सन् 1930 और 1940 के दशक में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे ऐसे कश्मीरी ब्राह्मण परिवार के थे, जो अपनी प्रशासनिक क्षमता तथा विद्वत्ता के लिए विख्यात थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। यहां पाठकों के लिए पेश हैं पंडित जवाहर
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जीवन में उम्र के लम्हे जितने बढ़ते जाते हैं हम धीरे-धीरे समझदार होने की कवायद में लग जाते हैं। एक बच्चे को कभी छल कपट की जरूरत नहीं पड़ती। कभी होशियारी के सबक नहीं सीखने पड़ते। दुनियादारी से उसका वास्ता नहीं होता। बच्चे के पास बस एक मासूम दिल होता है, एक भोला बचपन और
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आदरणीय मंच, आज हम चाचा नेहरू का जन्मदिन मना रहे हैं। वे नेहरू जी जो बच्चों को खूब प्यार करते थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 इलाहाबाद के एक धनाढ्य परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूपरानी था। पिता पेशे से वकील थे। उनकी
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खाली नहीं बैठना हमको, कुछ न कुछ करते रहना है। गरमी की छुट्टी में रम्मू, प्यारे-प्यारे चित्र बनाता। उन्हें बेचकर मजे-मजे से, रुपए रोज कमाकर लाता। इन रुपयों से निर्धन बच्चों, की उसको सेवा करना है। लल्ली ने गरमी की छुट्टी, एक गांव में काटी जाकर, कैसे पानी हमें बचाना, लौटी है सबको समझाकर। निश्चित
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पिता- बेटा, ये लो 2 हजार रुपए। पुत्र- लेकिन पापा ये किसलिए…? पिता- बेटा, ये तेरी मेहनत की कमाई है, क्योंकि जबसे तूने वॉट्सऐप शुरू किया है, तब से रात को सिक्यूरिटी गार्ड नहीं रखना पड़ रहा है।
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लड़का : क्यूं रो रही हो? लड़की : मेरे मार्क्स बहुत कम आए हैं। लड़का : बता कितने आए हैं? लड़की : सिर्फ 80%। लड़का : अरे रहम कर रहम, इतने में तो दो लड़के पास हो जाते हैं।
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पंडित जवाहरलाल नेहरू सन् 1930 और 1940 के दशक में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे ऐसे कश्मीरी ब्राह्मण परिवार के थे, जो अपनी प्रशासनिक क्षमता तथा विद्वत्ता के लिए विख्यात थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। यहां पाठकों के लिए पेश हैं पंडित जवाहर
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एक मां ने लिखा अपने बच्चों को खत बीजी जैसन द्वारा लिखे गए प्रासंगिक पत्र का अनुवाद मेरे बच्चों, सचेत रहना बस कल ही गुड़िया मुझसे यह सवाल पूछ रही थी, ‘मम्मी यौन उत्पीड़न का मतलब क्या होता है?’ मैने खुद को संयत करने की कोशिश की थी। मैं अपने चेहरे पर ‘जोएल’ (बेटा) की
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पिछले कई दिनों से खुफिया एजेंसियों की स्पष्ट चेतावनी है कि प्रधानमंत्री या बड़ी हस्तियों को निशाना बनाने के लिए आतंकी गिरोह/आईएस आदि बच्चा बम का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे ही पिछले दिनों आतंकी हमले के शिकार एक बच्चे का फोटो वायरल हुआ था जिसमें वह कह रहा था कि मैं ऊपर भगवान को
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आजकल के बच्चे ये कभी नहीं जान पाएंगे किपुराने जमाने में उन्हें निम्नलिखित कारणों से कूटा जा सकता था : 1. पिटने के बाद रोने पर. 2. पिटने के बाद नहीं रोने पर. 3. बिना पिटे रोने पर. 4.. दोस्तों के साथ खेलने-कूदने पर. 5. दोस्तों के साथ नहीं खेलने-कूदने पर 6. जहां बड़े बैठे
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बचपन, एक ऐसा मधुर शब्द जिसे सुनते ही लगता है मानो शहद की मीठी बूंद जुबान पर रख ली हो। जिसकी कोमल कच्ची यादें जब दिल में उमड़ती है तो मुस्कान का लाल छींटा होंठों पर सज उठता है। जब भी इन महकते हरियाले पन्नों को फुरसत में बैठकर खोला और इन पर जमी धूल
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गोविंद कुमार ‘गुंजन’ एक दिन मेरी दृष्टि जवाहरलाल नेहरू की एक बड़ी तस्वीर पर देर तक ठहरी रही। बहुत कम राजनेताओं की ऐसी खूबसूरत तस्वीर दिखाई देती है, मोहक और आत्मीयता से लबालब, जिसमें जरा भी परायापन नहीं। सफेद खादी का कुर्ता और उस पर एक जॉकेट, जिसमें बीच के बटन की जगह टंका हुआ
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