नन्ही दुनिया

Ambedkar Jayanti 2020 डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, दृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मणिकांचन मेल था। उनकी यही अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय है। वे एक मनीषी,
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Dr BR Ambedkar Jayanti 2020 भीमराव रामजी अंबेडकर, बाबा साहेब अंबेडकर नाम से लोकप्रिय थे। वे भारतीय अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक थे। अंबेडकर भारतीय इतिहास के ऐसे महान व्यक्ति हैं जिन्होंने दलितों को सामाजिक अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। आइए जानें बाबा साहेब अंबेडकर के 20 अमूल्य विचार… * उदासीनता एक
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पंचतंत्र की कहानी: 1 और 1 ग्यारह एक बार की बात है कि बनगिरी के घने जंगल में एक हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नहीं समझता था। बनगिरी में ही एक पेड़ पर एक चिड़िया व चिड़े का छोटा-सा सुखी
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shaheed diwas भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव भारत के वे सच्चे सपूत थे, जिन्होंने अपनी देशभक्ति और देशप्रेम को अपने प्राणों से भी अधिक महत्व दिया और मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर कर गए। 23 मार्च यानि, देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर करने वाले तीन वीर सपूतों का शहीद दिवस। यह
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Rani Avanti Bai Lodhi आज भी भारत की पवित्र भूमि ऐसे वीर-वीरांगनाओं की कहानियों से भरी पड़ी है जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश के आजाद होने तक भिन्न-भिन्न रूप में अपना अहम योगदान दिया है, लेकिन भारतीय इतिहासकारों ने हमेशा से उन्हें नजरअंदाज किया है। देश में सरकारों या प्रमुख सामाजिक
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कल रात सपने में आया कोरोना…. उसे देख जो मैं डरातो मुस्कुरा के बोला मुझसे डरो ना… उसने कहा- कितनी अच्छी है तुम्हारी संस्कृति। न चूमते,न गले लगाते दोनों हाथ जोड़ कर वो स्वागत करते, मुझसे डरो ना.. कहां से सीखा तुमने ?? रूम स्प्रे ,बॉडी स्प्रे, पहले तो तुम धूप, दीप कपूर अगरबत्ती,लोभान जलाते
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प्रस्तावना : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है। कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है, लेकिन कोरोना का संक्रमण दुनियाभर में तेजी से फ़ैल रहा है। * कोरोना वायरस क्या है? कोरोना वायरस (सीओवी) का
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कवयित्री एवं भारत की महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले का जन्म महाराष्ट्र में 3 जनवरी 1831 को एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम खण्डोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई फुले का विवाह सन् 1840 में मात्र 9 वर्ष की उम्र में 12 वर्षीय ज्योतिराव फुले के साथ हुआ।
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Motivational story यह जो बच्चा अपने स्कूल से आते हुए पिता के साथ ठेले पर जा रहा है इसे देखकर कितनों का दिल पसीजा होगा। हम जो सुख सुविधा संपन्न होकर भी माता-पिता से अनेक शिकायत करते हैं। यह बच्चा तमाम अभावों के बीच रहते हुए अपने पिता के साथ ठेले पर बैठकर तल्लीन होकर
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women’s Day Speech नमस्कार, महिला दिवस की शुभकामनाएं। आज सबसे ज्यादा महिला सशक्तिकरण की बातें होंगी। लेकिन महिला सशक्तीकरण क्या है यह कोई नहीं जानता। महिला सशक्तीकरण एक विवेकपूर्ण प्रक्रिया है। हमने अति महत्वाकांक्षा को सशक्तिकरण मान लिया है। मुझे लगता है महिला दिवस का औचित्य तब तक प्रमाणित नहीं होता जब तक कि सच्चे
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रम्मू जी ने पिचकारी में, रंग लबालब ठूंसा। दौड़े गम्मू के पीछे यूं, मार रहे हों घूंसा। हाथ चलाया जोरों से तो, फूट गई पिचकारी। रम्मू के मुंह पर ही आई, ठेल रंगों की सारी। गम्मू पर तो गिरी बूंद न, रम्मू रंगे रंगाएं। हाथ झटकते पैर पटकते, घर को वापस आएं।
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हम भी पढ़े लिखे हैं भैया, हम भी पढ़े लिखे हैं। एक सुदूर गांव में रहते, करते रोज किसानी। हम अपनी मेहनत से लिखते, मिट्‍टी कीचड़ पानी।। इस मिट्‍टी पानी में ही तो, मोती बड़े जड़े हैं भैया, हम भी पढ़े लिखे हैं। अक्षर लिखना सीख चुके हैं, पढ़ते, कथा कहानी। जोड़ घटाना हमें सिखाती,
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आमतौर पर किसी खास दिन या अवसर पर छुट्टी व अवकाश घोषित किया जाता है। लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी ऐसे ही खास मौकों में से एक हैं जिस दिन कई देशों में अवकाश होता है, जिससे कि इस दिन को स्पेशल तरीके से मनाया जा सकें। आइए,
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Womens Day 2020 – Essay by Mrs. Ritu Agrawal Mhow प्रस्तावना : सदियों से नारी को एक वस्तु तथा पुरुष की संपत्ति समझा जाता रहा है। पुरुष नारी को पीट सकता है, उसके दिल और शरीर के साथ खेल सकता है, उसके मनोबल को तोड़कर रख सकता है, साथ ही उसकी जान भी ले सकता
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जीवन परिचय : मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी 1896 को गुजरात के भदेली में हुआ था। इनके पिता का नाम रणछोड़जी देसाई व माता का नाम मणिबेन था। अपने कॉलेज जीवन से महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और अन्य कांग्रेसी नेताओं का उनके जीवन पर काफी प्रभाव रहा। राजनीतिक जीवन : 1930 में मोरारजी
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Fourth Prime Minister जन्म- 29 फरवरी 1896 मृत्यु: 10 अप्रैल 1995 मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी 1896 को गुजरात के भदेली में हुआ था। इनके पिता का नाम रणछोड़जी देसाई व माता का नाम मणिबेन था। वे अपने पिता के बारे में कहते थे- ‘मेरे पिता ने मुझे जीवन के मूल्यवान पाठ पढ़ाए थे।
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