नन्ही दुनिया

जन्म 12 जनवरी 1863 मृत्यु 4 जुलाई 1902 स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी सन्‌ 1863 को हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। उनका घर का नाम नरेंद्र दत्त था। वे अपने पुत्र नरेंद्र को भी अंगरेजी पढ़ाकर पाश्चात्य सभ्यता के ढंग पर ही चलाना चाहते थे। नरेंद्र की
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Doctors Day 2020 * डॉक्टर्स डे : क्या है मनाए जाने का कारण हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। जिंदगी में डॉक्टर का कितना महत्व है, हम यह अच्छी तरह से जानते हैं। डॉक्टर इंसान के रूप में भगवान के समान होता है जो इंसान को उसके मर्ज से उबारता
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Dadabhai Naoroji जन्म – 4 सितंबर, 1825, मृत्यु – 30 जून, 1917 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाले दादाभाई नौरोजी का जन्म मुंबई (बम्बई) के एक गरीब पारसी परिवार में 4 सितंबर को हुआ था। उनके पिता का नाम नौरोजी पलांजी डोरडी तथा माता का नाम मनेखबाई था। दादाभाई केवल 4 वर्ष के थे,
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पुनः संशोधित सोमवार, 22 जून 2020 (18:10 IST) हमारे देश के ऐसे कई वीरों और वीरांगनाओं की दास्तान दबा दी गई जिन्होंने मुगल और अंग्रेजों से लड़कर विजयी प्राप्त की थी। उन्हीं में से एक थीं रानी दुर्गावती। दुर्गावती के वीरतापूर्ण चरित्र को भारतीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। सचमुच वह मां दुर्गा के
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Father Day 2020 पिता ईश्‍वर की तरफ से भेंट की हुई अनमोल रचना है। पिता के बिना हम जीवन जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते। आइए जानें पितृ दिवस के अवसर पर पिता के बारे में 15 अमूल्य विचार- 1. भगवान खुद सबका ख्याल रखने के लिए नहीं आ सकते, इसीलिए उन्होंने पिता को
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Fathers Day 2020 मेरे पिता मेरे लिए आदर्श है। क्योंकि वे एक आदर्श पिता हैं। उनमें वे सारी योग्यताएं मौजूद हैं जो एक श्रेष्ठ पिता में होती हैं। वे मेरे लिए केवल एक पिता ही नहीं बल्कि मेरे सबसे अच्छे दोस्त भी हैं, जो समय-समय पर मुझे अच्छी और बुरी बातों का आभास करा कर
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उत्तर प्रदेश का झांसी एक ऐतिहासिक शहर है। इस शहर से जुड़ा है भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का नाम जिसने महिला वीरता की एक अमर गाथा लिखी। झांसी में रानी के साथ-साथ आज से लगभग 400 साल से भी अधिक पहले बना किला भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां रानी
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जन्म: 19 नवंबर 1828 मृत्यु: 18 जून 1858 भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की आदर्श वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1835 को काशी में हुआ। पिता का नाम मोरोपंत ताम्बे और माता का नाम भागीरथी बाई था। लक्ष्मीबाई का उपनाम मणिकर्णिका था, इसीलिए अपने बाल्यकाल में वे मनुबाई के नाम से जानी जाती
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interesting facts about ant चींटी दुनिया की सबसे छोटी प्रजातियों में से एक है। ऊंचाई से गिरकर फिर चढ़ना चीटियों की आदत है। इंसान और चींटी ही ऐसी प्रजाति हैं जो भोजन इकठ्ठा करके रखते हैं। चींटियों के कान नहीं होते, वो जमीन के कंपन से महसूस करती है। चींटियां हमेशा एक लाइन में चलती
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Poem on Kids सुबह-सुबह से सूरज निकला, खिड़की में से भीतर आया। बोला उठो-उठो अब जल्दी, क्यों सोए अब तक महाराजा। मैं बोला मैं महाराजा हूं, तो तुम खिड़की से क्यों आए, उसे बताकर क्यों न आएं? आ गए हो चौका बर्तन, झाड़ू-पोंछा करके जाना। आगे से महाराजा के घर, बिना इजाजत कभी न आना।
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बैठ धूप के घोड़ों पर। नजर लगी है शीला के घर, बनते गरम पकोड़ों पर। घोड़ों सहित रसोई की वे, खिड़की से भीतर आईं। गरम चाय से भरी केतली, देख-देख कर मुस्काईं। गरम चाय के साथ पकोड़ों, का आनंद उठाएंगी। किरणे बता गईं शीला को, रोज-रोज वे आएंगीं।
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Indian Mythological Stories फादर्स डे भले ही वर्तमान में अस्तित्व में आया हो, लेकिन पिता और संतान का संबंध और उसके विभिन्न स्वरूपों का वर्णन हमारे शास्त्रों में सदियों से निहित है। फादर्स डे यानि पितृ दिवस, पिता के प्रति प्रेम, आदर और कई अनन्य भावों को प्रकट करता है। पिता-पुत्र के संबंधों को उजागर
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Essay on Yoga प्रस्तावना : पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन करोड़ों लोगों ने विश्व में योग किया जो कि एक रिकॉर्ड था। योग व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार है, जिसके माध्याम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में
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करोड़ों की ‘बडबोली’ आबादी वाले देश में हमसे अच्छी तो तुम निकलीं ऐ! नीले बालों वाली, बालों को ‘शंकर चोटी’ में संवारे, गोल-गोल बड़ी आंखों वाली, लाल गाल, पोल्का डॉट वाली फ्रॉक पहने, उसी का चोटी में मैचिंग हेयर बो सजाए, बिना नाक वाली प्यारी, सुंदर लड़की। तुम्हें पता है वो कमाल कर दिखाया है
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भारतचिंतन प्रधान देश रहा है।इसलिए प्राचीन काल में भौतिक वस्तुओं के संग्रह या संरक्षण पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। जब किसी के पास धन संपत्ति अधिक हो जाती है तो उसे मंदिरों में अर्पण कर दिया जाता है। और मंदिर उसका उपयोग या तो निर्माण में या संग्रहण में करते हैं। यही कारणहै कि
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प्रारंभिक जीवन : लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तरप्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। इनके पिताजी का नाम शारदा प्रसाद और माताजी का नाम रामदुलारी देवी था। इनकी पत्नी का नाम ललिता देवी था। इनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। इन्हें जब काशी विद्यापीठ से ‘शास्त्री’ की उपाधि मिली तो
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