RBI की मुसीबत! घटाना पड़ सकता है GDP ग्रोथ अनुमान

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हाइलाइट्स

  • एसबीआईकैप के अर्थशास्त्रियों ने विकास दर अनुमानघटाने का पक्ष लिया
  • रिपोर्ट में विकास दर अनुमान को 7.4 फीसदी से घटाकर सात फीसदी करने की बात
  • नवंबर में आईआईपी ग्रोथ साल दर साल के आधार पर महज 0.47 फीसदी रहा
  • थोक खुदरा महंगाई भी आठ महीने के निचले स्तर पर पहुंची

नई दिल्ली

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को चालू वित्त वर्ष के लिए देश के विकास दर अनुमान को कम करने की जरूरत है। बीते 11 जनवरी को आईआईपी का आंकड़ा जारी होने के बाद एसबीआईकैप सिक्योरिटीज लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है।

आईआईपी ग्रोथ का आंकड़ा अनुमानित 3.6 फीसदी के मुकाबले बेहद कम महज 0.5 फीसदी रहा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, एसबीआईकैप सिक्योरिटीज लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक को चालू वित्त वर्ष के GDP विकास दर अनुमान को 7.4 फीसदी से घटाकर सात फीसदी करने की जरूरत है।

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एसबीआईकैप के अर्थशास्त्री अर्जुन नागराजन और अमोल भोइर ने एक नोट में कहा, ‘हमें उम्मीद है कि मौद्रिक नीति समिति के सदस्य यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाएंगे और घरेलू विकास में आई गिरावट को अपने फैसले में जगह देंगे। औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े को देखते हुए सदस्यों को विकास दर अनुमान पर पुनर्विचार करना चाहिए।’

मुंबई स्थित निर्मल बांग इक्विटीज लिमिटेड में अर्थशास्त्री टेरेसा जॉन ने कहा, ‘विकास दर में सुस्ती और घटती महंगाई फरवरी में मौद्रिक नीति समिति की बैठक में आरबीआई के रुख में नरमी का मार्ग प्रशस्त करेगी।’

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उल्लेखनीय है कि नवंबर में आईआईपी ग्रोथ साल दर साल के आधार पर महज 0.47 फीसदी रहा और केवल 10 मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में ही वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले महीने 23 मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में सकारात्मक वृद्धि देखी गई थी।

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