सवालों का जवाब: इसलिए आप करते हैं आर्थिक कष्ट का सामना, होता है नकारात्मक प्रभवान

राशि


32657-A-astro-jyotish-tips-for-loan-related-problems.jpg

सद्‌गुरु स्वामी आनंदजी
सप्ताह का ज्ञान
देव गुरु बृहस्पति यदि जन्म कुंडली के सुख भाव यानि चतुर्थ भाव में हों, तो अच्छा करियर और उत्तम भविष्य प्रदान करते हैं, पर यदि वो पंचम भाव में बैठ जाएं, तो प्रेम संबंधों पर कुठाराघात करते हैं। ऐसे लोगों के कई संबंध टूट सकते हैं और दांपत्य जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

टिप ऑफ द वीक
दूसरों की आलोचना अपना मान भंग करके आर्थिक कष्ट को आमंत्रित कर ढेरों संकटों का कारक बनती है। हमारे ज्ञात-अज्ञात कर्म उलट कर हम पर ही आते हैं। ऐसा आध्यात्म का सार कहता है।

Recommended byColombia

नक्षत्र दर्शन
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे लोग बेहद विनम्र स्वभाव के होते हैं। दैहिक रूप से ये सुदृढ़ होते हैं। इनका जीवन आनंद से परिपूर्ण होता है। ये लोग धनी और समृद्ध लोगों में शुमार होते हैं। साहस इनमें कूट-कूट कर भरा होता है। विजयश्री इनके चरण चूमती है। वैचारिक रूप से प्रखर होते हैं। अपने सामाजिक और धार्मिक कर्तव्यों का निर्वहन ये भली भांति करते हैं। इनके मित्रों और शुभचिंतकों की संख्या बहुत होती है।

प्रश्न: बहन के विवाह का योग कब तक है? बहन की जन्म तिथि-02.03.1990, जन्म समय- 4 बजे प्रातः (अनुमानित), जन्म स्थान- अहमदनगर।-अजित वालके
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि ज्योतिषीय आकलन के लिए सही जन्म विवरण अनिवार्य शर्त है। आपने अनुमानित समय दिया है। अनुमानित समय से शुद्ध परिणाम परिणाम प्राप्त नहीं हो सकेगा। यदि आपके अनुमानित समय को ही सत्य मान लिया जाए, तो आपकी बहन की राशि मेष और लग्न धनु है। लग्न में मंगल जहां उन्हें मांगलिक बना रहा है, वहीं साथ में शनि की युति उसकी तीव्रता में इजाफा कर रही है। सप्तम भाव में बृहस्पति की उपस्थिति कुंडली मिलाकर ही विवाह करने की अनुशंसा का रही है। इस प्रकार की कुंडली में विवाह में विलंब उत्तम दांपत्य जीवन के लिए शुभ होता है। 12 मई, 2019 से आपकी बहन के विवाह का मध्यम योग आरंभ होगा। उस कालखंड में विवाह के लिए किए गए प्रयास सिद्ध होंगे।

प्रश्न: कुछ समय से मेरी आमदनी कम होती जा रही है। तबियत भी ठीक नहीं रहती। किसी ने इसका कारण कालसर्प बताया है। क्या करूं? जन्म समय-01.07.1988, जन्म समय-21.155, जन्म स्थान- लुधियाना।-करनवीर सिंह
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपकी राशि और लग्न मकर है। आपकी कुंडली में शनि लग्न व धन के स्वामी होकर द्वादश भाव में विराजकर अशुभ फल निर्मित कर रहे हैं। आप कुछ समय से शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं। यही आपकी समस्या का मूल है। मांसाहार व मदिरा का त्याग, कुछ बूंद दुग्ध मिश्रित जल से स्नान, शनिवार को दिव्यांगों को तैलीय भोजन का अर्पण और नेत्रहीन लोगों की सेवा से लाभ होगा। हां, एक मुख्य बात, आप कालसर्प से ग्रसित नहीं है।

प्रश्न: जीवन से संघर्ष का अंधेरा कब छंटेगा? जन्म तिथि- 06.10.1983, जन्म समय-4 बजे प्रातः, जन्म स्थान-बिजनौर।-अमित ग्रेवाल
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपकी राशि कन्या और लग्न सिंह है। तुला राशि के शनि आपके पराक्रम भाव में विराजकर जहां आपको एक उत्तम योग से नवाज रहे हैं, वहीं सुख भाव का बृहस्पति आपके बेहतर भविष्य की चुगली भी कर रहा है। इस समय आप शनि की अढ़ैया के प्रभाव में हैं। उसके पहले मध्य के ढाई साल निकाल दें, तो आप शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में थे। साढ़ेसाती जीवन में कुछ सिखा पढ़ाकर, सामर्थ्य प्रदान करके अर्श पर पहुंचाने के लिए जानी जाती है, पर आपने इस खूबसूरत कालखण्ड को सबकी तरह अंधेरा समझकर इससे संघर्ष करके जाया कर रहे हैं। आप चाहें, तो समय के इस हिस्से में अपनी योग्यता में इजाफा करके इस वक्त का इस्तेमाल बुलंदियों पर पहुंचने के लिए कर सकते हैं।

प्रश्न: मुझे जब गुस्सा आता है, तो बहुत ज्यादा आता है। इसको काबू में कैसे करूं। जन्म तिथि- 08.02.1994, जन्म समय-5.45 प्रातः, जन्म स्थान- कोलकाता।- रागिनी बंदोपाध्याय
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपकी राशि धनु और लग्न मकर है। आपका चंद्रमा आपके व्यय भाव में बैठकर जहां आपको स्वप्नद्रष्टा, संवेदनशील और भावुक बना रहा है, वहीं सूर्य लग्न में बैठकर स्वभाव में गर्मी भी प्रदान कर रहा है। सूर्य के साथ मंगल की युति आपके स्वभाव की भावुकता और उग्रता को हवा दे रही है। स्वयं को व्यस्त रखने और अधिक से अधिक पुस्तक पढ़ना आपके लिए हितकर है। अपने अंदर सुप्त प्रतिभा को पहचान कर उसे आकार और विस्तार प्रदान करें। योगासन, प्राणायाम, रात्रि में दुग्ध का सेवन न करने, चांदी के चम्मच का प्रयोग और पूर्णिमा के दिन श्वेत वस्तुओं का दान लाभ प्रदान करेगा, ऐसा मैं नहीं, प्राचीन मान्यताएं कहती हैं।

Products You May Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *