समुद्री दुनिया के एक्सपर्ट, यूं बनाएं करियर

कैरियर, जॉब junction

सांकेतिक तस्वीर

मरीन बायॉलजी, ओशनोग्राफी और ओशन इंजिनियरिंग में मरीन साइंस के अंतर्गत काम करने की अधिक संभावनाएं रहती हैं। पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स को समुद्री जीवों, वनस्पतियों के बारे में बताया जाता है। ओशन इंजिनियरिंग में समुद्र की स्टडी में यूज होने वाले उपकरण बनाने और उनके इस्तेमाल की जानकारी दी जाती है।

मिनिमम क्वॉलिफिकेशन: मरीन साइंस के क्षेत्र में एंट्री दो लेवल पर होती है। अंडरग्रैजुएट लेवल पर एंट्र्री करने वालों के लिए मरीन साइंस में बीएसएसी या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। वहीं हाई पोस्ट पर जॉब्स के अवसर पोस्टग्रैजुएशन के बाद खुलते हैं। पोस्टग्रैजुएशन स्तर पर एमएससी और एमटेक के ऑप्शन मौजूद हैं। इसके अलावा रिसर्च में करियर बनाने के लिए पीएचडी जरूरी है।

सैलरी: 30,000 रुपये/माह से शुरुआत।

यहां से करें कोर्स

गोवा यूनिवर्सिटी – www.unigoa.ac.in

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मैट्रियोलॉजी, पुणे – www.tropmet.res.in

नैशनल जियोफि जिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट, हैदराबाद – www.ngri.org.in

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