पेट्रोल पंप लगाने के नियम होंगे आसान, निजी क्षेत्र की मौजूदगी से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) सरकार पेट्रोल पंप खोलने के नियमों को सरल बनाने पर विचार कर रही है। सरकार का इरादा है कि पेट्रोल पंप के क्षेत्र में अधिक से अधिक निजी उद्यमी आयें ताकि प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया जा सके। पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि मंत्रालय ने ईंधन की खुदरा बिक्री लाइसेंस जारी करने के नियमों को सरल बनाने पर सिफारिशें देने के लिये एक विशेषज्ञ समिति बनाई है। वर्तमान में पेट्रोलियम पदार्थों की खुदरा बिक्री लाइसेंस पाने के लिये किसी भी कंपनी को तेल एवं गैस खोज अथवा उत्पादन या फिर रिफाइनिंग, पाइपलाइनों और तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टर्मिनल के क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की जरूरत है। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, ‘‘विशेषज्ञ समिति ईंधन –पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन– बिक्री का अधिकार दिये जाने से संबंधित मौजूदा दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गौर करेगी।’’ विशेषज्ञ समिति में जाने माने अर्थशास्त्री किरीट पारिख, पूर्व तेल सचिव जी सी चतुर्वेदी, इंडियन आयल के पूर्व चेयरमैन और आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक एम ए पठान को शामिल किया गया है। समिति देखेगी की मौजूदा दिशानिर्देशों में किसी तरह का संशोधन करने की जरूरत है। समिति से पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के साथ विचार विमर्श करने के बाद 60 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। समिति निजी क्षेत्र के खुदरा पेट्रोल पंप खोलने अथवा उनके विस्तार में आने वाले अड़चनों की पहचान करेगी। निजी क्षेत्र में फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज, नयारा एनर्जी (पूर्व में एस्सार आयल) और रायल ढच शैल के कुछ पेट्रोल पंप हैं। रिलायंस इंडस्टीज के देशभर में 1,400 से भी कम पेट्रोल पंप हैं। नयारा के पास 4,833 और शैल के मात्र 114 पेट्रोल पंप हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल के अधिकार क्षेत्र में ही देशभर के 63,498 पेट्रोल पंपों में से सबसे ज्यादा पंप हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवाओं में सुधार आयेगा और ग्राहकों को अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। खुदरा विक्रेता ग्राहकों को लुभाने के लिये नई पेशकश करेंगे।

Products You May Like

Articles You May Like

Facebook ने लॉन्च किया Lasso App, विडियो बनेगा और भी फनी
जानवरों को बचाने के लिए इन्होंने तैयार किया ‘वेजिटेरियन’ मीट
जानिए आज का दिन अंक 2 वालों के लिए क्‍यों है खास ?
बंद हुए केदारनाथ के कपाट, शीतकाल के बाद खुलेंगे
भारत में एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं खाती हैं पति के हाथों से पिटाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *