आपके स्मार्टफोन को फेक ऐप से बचाने के लिए Google लाया नया फीचर

टेक

नई दिल्ली

Google ने एक नया फीचर पेश किया है। यह फीचर आपको फेक ऐप्स को पहचानने में मदद करेगा। दरअसल कई बार यूजर्स इंटरनेट डेटा बचाने के चक्कर में फेक ऐप डाउनलोड कर बैठते हैं। फिर ये फेक ऐप कई बार यूजर्स के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं। स्मार्टफोन यूजर्स की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए गूगल एक ऐसा फीचर लाया है जिससे यूजर्स फेक ऐप की पहचान कर सकेंगे।

रोचक बात यह है कि गूगल का यह फीचर ऑफलाइन भी काम करेगा। इसका फायदा यह है कि जैसे ही आप कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, गूगल प्ले उस ऐप को तुरंत वेरिफाई कर देगा। यह फीचर गूगल के खुद के शेयरिंग ऐप, फाइल गो और एक्जेंडर पर भी उपलब्ध है। इसकी मदद से यूजर्स खुद को ऑफलाइन डिस्ट्रीब्यूशन चैनल डिवेलपर के रूप में भी विकसित कर सकते हैं।

हाल ही में गूगल प्ले स्टोर पर लगभग 145 ऐप्स मैलिसस माइक्रोसॉफ्ट विंडो से प्रभावित पाए गए। हालांकि ये ऐप्स ऐंड्रॉयड ऐप्स के लिए नुकसानदेह नहीं हैं। लेकिन जैसे ही ये ऐप्स आपके पीसी के संपर्क में आते थे, ये आपके सिस्टम को खराब कर सकते हैं। इसलिए गूगल के इस नए फीचर के आ जाने के बाद अगर यूजर शेयरइट, फाइल हो या Xender से कोई भी फेक ऐप डाउनलोड करते हैं तो यूजर को अनसेफ का नोटिफिकेशन मिलने लगेगा। इस तरह से यूजर को अलर्ट कर देगा।

  

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    स्मार्टफोन्स एक प्लैटफॉर्म पर काम करते हैं। इन्हें ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) कहा जाता है। आमतौर पर ओएस तीन तरह के होते हैं। ऐंड्रॉयड, विंडोज और iOS, तीनों में ऐंड्रॉयड के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं। ऐंड्रॉयड Google का ऑपरेटिंग सिस्टम है जिस पर अधिकतर स्मार्टफोन्स काम करते हैं। हाल ही में कंपनी ने इसका लेटेस्ट वर्जन 9.0 Pie लॉन्च किया है। इससे पहले ऐंड्रॉयड के कई वर्जन लॉन्च हो चुके हैं। इनमें ओरियो, किटकैट, जेली बीन, मार्शमैलो शामिल हैं। सितंबर 2008 में ऐंड्रॉयड का पहला कमर्शियल वर्जन ऐंड्रॉयड 1.0 लॉन्च किया गया था। सितंबर 2018 में इसे 10 साल पूरे हो रहे हैं। आज हम आपको स्लाइड्स में बताएंगे कि 10 सालों में ऐंड्रॉयड में कितना बदलाव आया…

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    Android वर्जन का इतिहास नवंबर 2007 से शुरू होता है जब इसका पहला बीटा वर्जन लोगों के सामने पेश किया गया लेकिन ऐंड्रॉयड का पहला कमर्शियल वर्जन 23 सितंबर 2008 में लॉन्च किया गया था। वर्जन 1.0 और 1.1 दोनों को किसी खास नाम से पेश नहीं किया गया। लेकिन 1.1 को अन ऑफिशली पेटिट फॉर के नाम से जाना गया।
    ऐंड्रॉयड 1.0
    यह ऐंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का पहला कमर्शियल वर्जन था। इसे सितंबर 2008 में पेश किया गया था। पहला ऐंड्रॉयड डिवाइस HTC ड्रीम था। इसमें कई फीचर्स थे। इसमें ऐंड्रॉयड मार्केट, वेब ब्राउजर जैसे काम के फीचर शामिल किए गए।

    – ऐंड्रॉयड 1.1
    फरवरी 2009 में लॉन्च किए गए इस वर्जन को भी एचटीसी ड्रीम में ही शुरू किया गया था। इसे Petit Four नाम से जाना गया। इसमें पहले वर्जन के कई बग्स को दूर किया गया और साथ ही कई नए फीचर्स ऐड किए गए।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    अप्रैल 2009 में ऐंड्रॉयड का वर्जन 1.5 कप केक पेश किया गया। यह पहला वर्जन था जिसका नाम मिठाई (डेजर्ट) पर रखा गया था। इसमें भी कई नए फीचर्स ऐड किए गए और यूजर इंटरफेस में काफी बदलाव किए गए। इस वर्जन में बड़ा बदलाव यह हुआ कि इसके बाद से यूजर्स यूट्यूब पर विडियोज अपलोड कर सकते थे। साथ ही इसमें ऑटो रोटेशन, ब्राउजर में कॉपी पेस्ट जैसे कई काम के फीचर्स भी जोड़ गए।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    सितंबर 2009 में ऐंड्रॉयड के नए वर्जन डॉनट को लॉन्च किया गया। इसके बाद से ही यूजर एक साथ मल्टिपल फोटोज को डिलीट करने का विकल्प मिला। साथ ही कैमरा, सर्च में भी कई बदलाव किए गए थे।

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    अक्टूबर 2009 में ऑपरेटिंग सिस्टम ऐंड्रॉयड का नया वर्जन 2.1 इक्लियर लॉन्च किया गया। इसमें यूजर्स को कई नए फीचर्स मिले। गूगल मैप्स को अधि सटीक किया गया। ब्लूटूथ के वर्जन 2.1 को सपॉर्ट मिला। साथ ही डबल टैप करने से जूम इन फीचर भी इसी वर्जन के साथ मिला। किसी कॉन्टैक्ट के फोटो पर टैप करके उसे सीधे मेसेज/मेल भेजा जा सकता था। इसके बाद इक्लियर के भी अपडेटेड वर्जन आए। इनमें 2.0.1 और 2.1 शामिल हैं। दोनों में पहले इक्लियर वर्जन के बग्स को फिक्स कर परफॉर्मेंस को इंप्रूव किया गया।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    मई 2010 में ऐंड्रॉयड का फ्रॉयो वर्जन पेश किया या। इसमें USB और वाईफाई हॉटस्पॉट सुविधा दी गई। साथ ही ब्लूटूथ से स्पीकर में गाने चलाने का सपॉर्ट भी मिला। इसके बाद कंपनी ने 2011 में इसके अपग्रेडेड वर्जन पेश किए। कंपनी ने एक अंतराल के बाद 2.2.1, 2.2.2, 2.2,3 पेश किए। इनमें हर बार पुराने वाले वर्जन की कमियों को दूर किया गया।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    इसे दिसंबर 2010 में स्मार्टफोन्स के लिए लॉन्च किया गया। इसमें स्पीड और डिजाइन का खास ख्याल रखा गया। इसमें किसी शब्द को देर तक दबाए रखने पर कॉपी-पेस्ट ऑप्शन दिखने वाला फीचर ऐड किया गया। साथ ही डाउनलोड मैनेजर को भी लॉन्च किया गया। जायरोस्कोप और बैरोमीटर जैसे सेंसर के लिए अधिक सपॉर्ट दिया गया। इसके बाद कंपनी ने कुछ बग फिक्स करके इसके 2.3.1 और 2.3.2 वर्जन भी पेश किए। फरवरी 2011 में 2.3.3, अप्रैल 11 में 2.3.4 और जुलाई 2011 में 2.3.5 पेश किया गया। इसमें सैमसंग गैलेक्सी एस स्मार्टफोन में ब्लूटूथ बग फिक्स किया गया। इसके बाद 2.3.6 और 2.3.7 वर्जन भी पेश किए गए।

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    फरवरी 2011 में कंपनी ने ऐंड्रॉयड का वर्जन 3.0 हनीकॉम्ब लॉन्च किया। इस पर काम करने वाला पहला डिवाइस मोटोरोला Xoom टैबलेट था। इस वर्जन में टाइपिंग एक्स्पीरियंस को सही करने के लिए कीबोर्ड में कुछ बदलाव किए गए। साथ ही इसमें मल्टी कोर सपॉर्ट मिला। मई 2011 में कंपनी ने इसका अपग्रेडेड वर्जन 3.1 पेश किया जिसमें कई कमियों को दूर करते हुए यूजर इंटरफेस को सही किया गया। जो कमियां रह गईं उन्हें दूर करते हुए कंपनी ने जुलाई 2011 में 3.2 पेश किया। टैबलेट्स के लिए इसमें हार्डवेयर सपॉर्ट को ठीक किया गया।बाद में इसके 3.2.1, 3.2.2, 3.2.3, 3.2.4, 3.2.5 और फरवरी 2012 में वर्जन 3.2.6 पेश किया गया।

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    अक्टूबर 2011 में ऐंड्रॉयड का आइसक्रीम सैंडविच वर्जन पेश किया गया। इस वर्जन में ही स्क्रीन शॉट लेने का सपॉर्ट मिला। इस वर्जन में वॉल्यूम कम और पावर बटन को एकसाथ प्रेस करने पर स्क्रीन शॉट लेने का फीचर मिला। इसके अलावा कॉपी पेस्ट फीचर में कुछ सुधार किए गए। साथ ही रियल टाइम स्पीच 2 टेक्सट डिटेक्शन भी लाया गया। काम में नहीं आ रहे ऐप्स को एक स्वाइप से बंद करने के फीचर को ऐड किया गया। साथ ही स्टॉक ऐंड्रॉयड डिवाइस में 1080p क्वॉलिटी की विडियो रिकॉर्डिंग को सपॉर्ट मिला। बाद में इसमें कुछ सुधार करके 4.0.1 औ 4.0.2 पेश किया गया। दिसबंर 2011 में कंपनी ने कई बदलाव करके 4.0.3 पेश किया। इसमें कैमरा में विडियो स्टेबलाइजेश का फीचर दिया गया। मार्च 2012 में कैमरे और स्क्रीन रॉटेशन में अधिक सुधार करते हुए 4.0.4 पेश किया गया।

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    जुलाई 2012 में आइसक्रीम सैंडविच का अपग्रेड वर्जन जेली बीन पेश किया गया। इसमें स्क्रीन रॉटेशन को ऑन/ऑफ फीचर को जोड़ा गया। बाद में इसके बग्स को फिक्स करके नवंबर 2013 में 4.2 जेली बीन पेश किया गया। इसमें डे ड्रीम स्क्रीन सेवर्स ऐड किए गए। साथ ही इसमें जो कमियां थीं उन्हें दूर करते हुए कंपनी ने जुलाई 2013 में जेलीबीन 4.3 पेश किया। इसमें पहली बार 4K रेजॉलूशन सपॉर्ट दिया गया। साथ ही इमोजी सपॉर्ट भी दिया गया।

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    अक्टूबर 2013 में गूगल ने ऐंड्रॉयड के वर्जन 4.4 किटकैट से पर्दा उठाया। इसमें वायरलेस प्रिंटिंग फसिलिटी ऐड की गई। साथ ही कुछ सुधारों के बाद 4.4W किटकैट लॉन्च किया गया। इसमें जीपीएस सपॉर्ट मिलना शुरू हुआ ।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    नवंबर 2014 में गूगल ने ऐंड्रॉयड 5.0 लॉलीपॉप पेश किया। इसमें यूएसबी डिवाइस की मदद से ऑडियो सपॉर्ट मिलने लगा। साथ ही 15 नई भाषाएं जोड़ी गईं जिनमें भारत की बंगाली, तमिल, कन्नड़ तेलगु, मराठी और मलयालम शामिल थी। इसमें लगातार सुधार किए गए और मार्च 2015 में ऐंड्रॉयड 5.1 लॉलीपॉप लॉन्च किया गया। इसमें मल्टिपल सिमकार्ड को सपॉर्ट मिलना शुरू हुआ।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    गूगल ने अक्टूबर 2015 में ऐंड्रॉयड मार्शमैलो लॉन्च किया जिसे ऐंड्रॉयड M के नाम से जाना गया। इसमें प्रायोरिटी मोड का नाम बदलकर DND रखा गया। ऐप्स के लिए 4K डिस्प्ले सपॉर्ट आया। कुछ बदलाव और सुधार करके कंपनी ने दिसंबर 2015 में मार्शमैलो का अपग्रेडेड वर्जन 6.0.1 भी पेश किया।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    अगस्त 2016 में ऐंड्रॉयड वर्जन 7.0 नूगा लॉन्च हुआ। इसमें स्क्रीन जूम, इमोजी और फाइल ब्राउजर में कुछ सुधार किए गए। साथ ही कई बदलावों के बाद इसका अपग्रेडेड वर्जन 7.1 नूगा पेश किया गया। इसमें कई नई इमोजी ऐड किए गए। साथ ही कीबोर्ड से GIF भेजने का सपॉर्ट भी दिया गया।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    अगस्त 2017 में कंपनी ने ऐंड्रॉयड का वर्जन 8.0 ओरियो पेश किया। आज अधिकतर स्मार्टफोन्स इसी पर काम करते हैं। इसमें बूट टाइम को फास्ट किया गया साथ ही गूगल प्ले प्रोटेक्ट फीचर दिया गया। कई सुधारों के बाद इसका 8.1 ओरियो पेश किया गया। इसका एक गो एडिशन भी लॉन्च किया गया जो एंट्री लेवल के स्मार्टफोन्स के लिए काम आता है।

  • इस तरह बदला आपका ऐंड्रॉयड

    यह गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम का लेटेस्ट वर्जन है, इसे अगस्त 2018 में पेश किया गया। अभी यह गूगल पिक्सल और कुछ चुनिंदा स्मार्टफोन्स के लिए पेश किया गया है। इसमें घड़ी को नोटिफिकेशन बार में दिया गया। साथ ही कई नए और अडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इसके अपडेट को नए स्मार्टफोन्स में देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    क्लिक करें और जानें ऐंड्रॉयड पाई 9.0 के 10 बड़े फीचर्स

ऐंड्रॉयड यूजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गूगल ने हाल ही में Intra नाम का एक और साइबर सिक्यॉरिटी ऐप भी लॉन्च किया है। इसकी मदद से यूजर्स डीएनएस के अटैक से बच सकते हैं। ऐसा दावा किया जाता है कि यह ऐप यूजर्स के इटंरनेट की स्पीड को बिना धीमा किए मैलवेयर और धोखाधड़ी से बचाने में मदद करता है।

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