रायबरेली: प्रियंका ‘इमोशनल ब्लैकमेलर’ के पोस्टर

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रायबरेली में प्रियंका गांधी लापता के पोस्टर।

रायबरेली

कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में प्रियंका गांधी के खिलाफ लगे कुछ पोस्टरों ने एक नई चर्चा शुरू कर दी है। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में लगाए गए इन पोस्टरों में प्रियंका गांधी को लापता बताया गया है। इन पोस्टरों में यह आरोप भी लगाया गया है कि प्रियंका के दौरे के बाद से रायबरेली में कई हादसे हुए हैं, लेकिन इन सब के बीच उन्होंने कभी भी यहां आने की जहमत नहीं उठाई। वहीं चुनाव प्रचार में शहर से रिश्ता जोड़ने की बात को स्टंट बताते हुए प्रियंका को इमोशनल ब्लैकमेलर भी बताया गया है।

रायबरेली में लगे इन पोस्टरों में प्रियंका को इमोशनल ब्लैकमेलर बताते हुए रायबरेली से पुराना रिश्ता होने की उनकी अपीलों का आलोचना की गई है। पोस्टरों में लिखा है कि प्रियंका वोट बटोरने के लिए रायबरेली के लोगों की भावनाओं के साथ खेलती हैं। पोस्टर में प्रियंका से सवाल पूछा गया कि वह रायबरेली कब आएंगी। इन पोस्टरों को मुख्य मार्गों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों जैसे त्रिपुला चौराहे व हरदासपुर की दीवारों पर लगाया गया है।

हादसे के बाद गैरमौजूदगी पर सवाल

पोस्टरों के जरिए प्रियंका से यहां हरचंदपुर रेल दुर्घटना और ऊंचाहार में एनटीपीसी ब्लास्ट जैसे हादसों में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल किए गए हैं। पोस्टर में यह भी सवाल किया गया कि वह नवरात्र, दुर्गा पूजा व दशहरा जैसे हिंदुओं के त्योहारों में तो नहीं दिखाई दी तो अब क्या ईद में दिखाई देंगी? वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इसे विरोधियों की ‘गंदी हरकत’ बताते हुए कहा है कि विरोधी दल के लोग 2019 में कांग्रेस की सत्ता आने के डर से बौखलाए हुए हैं और इसी कारण यहां दुष्प्रचार कराया जा रहा है।

पोस्टर के जरिए प्रियंका को घेरने में जुटे विरोधियों को कांग्रेस ने मानसिक दिवालियापन का शिकार बताया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बीके शुक्ल ने कहा कि यह सब बीजेपी का करा-धरा है। ऐसी गंदी हरकत का उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

कांग्रेस को गढ़ में घेरने में जुटी बीजेपी

दरअसल प्रियंका अब रायबरेली कांग्रेस संगठन का काम देख रही हैं। चुनावों के समय सीधे लोगों से मुखातिब होते हुए संवाद करना उनकी आदत है। वह अपनी स्टाइल में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए जानी जाती हैं। हमेशा रायबरेली को अपना परिवार बताने वाली प्रियंका हरचंदपुर रेल हादसे और रालपुर में बच्चों के डूबने की खबरों के बाद भी रायबरेली नहीं आई हैं और न ही कोई संदेश भेजा है। नवरात्र, दुर्गापूजा, दशहरा जैसे त्यौहारों में भी वह नहीं पहुंचीं। ऐसे में विरोधियों को निशाना साधने का मौका मिल गया।

दरअसल केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार ने सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली में अरुण जेटली की 2.5 करोड़ सांसद निधि के जरिए घेरने की तैयारी की है। पोस्टर लगने के बाद रायबरेली में राजनीतिक माहौल काफी गर्माया हुआ है। हालाकि अभी तक किसी भी पार्टी की तरफ से पोस्टर लगवाये जाने से संबंधित कोई बयान नहीं आया है।

(एनबीटी संवाददाता से मिले इनपुट के साथ)

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