जेट एयरवेज ने एटीआर विमान ट्रूजेट को पट्टे पर देने का सौदा रद्द किया

मुंबई, 22 अक्टूबर (भाषा) विमान सेवा देने वाली निजी कंपनी जेट एयरवेज ने सोमवार को कहा कि उसने क्षेत्रीय एयरलाइन ट्रूजेट को अपने कुछ क्षेत्रीय विमानों को पायलटों के साथ पट्टे पर देने के प्रस्तावित सौदे को रद्द कर दिया है। कंपनी का कहना है कि ट्रूजेट ने समझौते की समयसीमा का पालन नहीं किया। इससे पहले दिन में एक सूत्र ने कहा था कि जेट एयरवेज की अपने सात क्षेत्रीय जेट विमान ट्रूजेट को पट्टे पर देने की योजना नियामकीय मुद्दों और पायलटों की समस्या के कारण समस्या में फंस गयी है। जेट एयरवेज के प्रवक्ता ने सवाल के जवाब में पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘जेट एयरवेज ने एक क्षेत्रीय विमानन कंपनी से प्रस्तावित अनुबंध को रद्द कर दिया है क्योंकि कंपनी तय समयसीमा के तहत शर्तों को पूरा नहीं कर सकी।’’ हालांकि प्रवक्ता ने किसी क्षेत्रीय कंपनी का नाम नहीं लिया। दोनों विमानन कंपनियों ने पिछले साल एटीआर विमानों को लेकर सौदा करने का प्रयास किया था लेकिन महीनों बाद भी जेट एयरवेज उसे पट्टे पर देने में नकाम रही है। नरेश गोयल की कंपनी लगातार दो तिमाही में नुकसान के कारण नकदी संकट से जूझ रही है। कंपनी में एतिहाद एयरवेज की भी कुछ हिस्सेदारी है। वित्तीय समस्याओं के बीच जेट एयरवेज विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान में विलम्ब कर रही है। इतना ही नहीं अपने वरिष्ठ प्रबंधकों, पायलटों तथा इंजीनियरों के सितंबर महीने का वेतन नहीं दिया है। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई भाषा से कहा था, ‘‘चालक दल, रखरखाव और बीमा समेत जेट एयरवेज के सात एटीआर को पट्टे (वेट लीज) पर देने का मामला अभी रूका हुआ है। अगर इस पर दोबारा बातचीत शुरू होती भी है, यह अगले ही साल होगा।’’ फिलहाल जेट एयरवेज के बेड़े में 15 एटीआर हैं। ट्रूजेट के बेड़े में सभी एटीआर विमान हैं। कंपनी क्षेत्रीय और उड़ान मार्गों पर हैदराबाद से विभिन्न गंतव्यों के लिये परिचालन करती है। सूत्र ने कहा, ‘‘जेट एयरवेज एटीआर विमानों के साथ पर्याप्त संख्या में पायलट उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि हाल में कई पायलट कंपनी छोड़कर चले गये हैं। इसके बदले कंपनी चाहती है कि ट्रूजेट केवल विमान (ड्राई लीज) पट्टे पर ले जो आर्थिक रूप से कंपनी के लिये व्यावहारिक है।’’ ट्रूजेट के प्रवक्ता से फिलहाल टिप्पणी नहीं मिल पायी है। सूत्र ने कहा, ‘‘एटीआर विमान को पट्टे पर देना कोई मुद्दा नहीं है लेकिन इन विमानों के लिये प्रशिक्षित पायलट उपलब्ध कराना निश्चित रूप से एक समस्या है। इसीलिए केवल विमान को पट्टे पर देने का कोई मतलब नहीं है।’’

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