इंडस्ट्रियल कचरा जलाने पर कटेगा बिजली-पानी

बिज़नेस

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त एन्वायरन्मेंट पलूशन कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) ने दिल्ली के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक कचरा जलाने की शिकायतों पर जहां सभी यूनिटों को सख्त हिदायत दी है, वहीं डीसीआईआईडीसी और इंडस्ट्रियल मेंटेनेंस कंपनी पर 5 से 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी ने नरेला और बवाना की इंडस्ट्री असोसिएशंस से कहा है कि इलाके में जिस फैक्ट्री के आगे कूड़ा चलता पाया जाएगा, उसका बिजली-पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। अथॉरिटी ने दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों से कहा है कि एक हफ्ते के भीतर रिहायशी इलाकों में चल रहे उद्योगों को बंद कराएं।

ईपीसीए की सोमवार को हुई बैठक में डीपीसीसी और मॉनिटरिंग कमेटी की एक टीम के हलिया सर्वे के दौरान बवाना और नरेला में बड़े पैमाने पर वेस्ट बर्निंग पाए जाने पर चिंता जताई गई। पहले तो अथॉरिटी ने संबंधित एजेंसियों के साथ ही इंडस्ट्री एसोसिएशंस पर 5 लाख जुर्माना लगाया, लेकिन बाद में इंडस्ट्रीज की इस दलील के बाद कि वहां वेस्ट मैनेजमेंट की जिम्मेदारी प्राइवेट कंसेशनेयर की है, जुर्माना मेंटेनेंस कंपनी पर डाल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि डीडीए और डीएसआईआई पर भी कई मामलों में ढिलाई के लिए 5-5 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। अथॉरिटी ने इंडस्ट्री एसोसिएशंस को सख्त हिदायत के साथ ही डीएसआईआईडीसी, डीपीसीसी और अन्य एजेंसियों से कहा कि किसी भी फैक्टरी के आगे कूड़ा जलता मिले तो उसका बिजली-पानी का कनेक्शन काट दिया जाए।

अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी रिहाइशी इलाकों में चल रहे अनधिकृत उद्योगों को बंद कराने का निर्देश दिया और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के प्रशासनिक अधिकारियों को खास तौर से चिन्हित रिहाइशी इलाकों में यूनिटों को बंद कर रिपोर्ट करने को कहा।

बैठक में इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि 16000 फैक्टरियों वाले सबसे बड़े और आधुनिक इंडस्ट्रियल हब बवाना में इंडस्ट्रियल कूड़े के निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। बवाना फैक्टरी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजन लांबा ने बताया कि डीएसआईआईडीसी ने स्थानीय मेंटेनेंस की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी बवाना इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है, जो यूनिटों से सालाना करोड़ों रुपये मेंटेनेंस चार्ज वसूलती है। ऐसे में जुर्माने की जवाबदेही उसी की बनती है। ईपीसीए ने डीएसआईआईडीसी और कंसेशनेयर को औद्योगिक कचरे के निस्तारण को प्राथमिकता से लेने और इस बारे में रिपोर्ट सौंपने को कहा। दिल्ली सरकार की ओर से बताया कि गया कि बवाना में एक वर्ल्ड क्लास वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी बनाने की योजना है और इसके लिए शुरुआती मंजूरियां दे दी गई हैं।

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