Realme 2 Pro का रिव्यू: गेमिंग में मास्टर, परफॉर्मेंस का पावरहाउस

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इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

प्रेम त्रिपाठी, नई दिल्ली

Oppo के इस सब ब्रैंड ने 4 महीने पहले जब शुरुआत की थी, तभी साफ हो गया था कि यूजर्स को कम प्राइस में ज्यादा फीचर से लैस करने की स्ट्रैटिजी रहेगी। लेकिन यह किसी ने नहीं सोचा होगा कि महज 18 हजार रुपये में रियलमी, 8 जीबी रैम का फोन ले आएगी। इसके बाद सबसे सस्ता 8 जीबी रैम वाला फोन पोको दे रही है, लेकिन उसके लिए भी 30 हजार खर्चने होंगे। हालांकि वहां स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर है, लेकिन कीमत में 12 हजार का फासला है। रियलमी-2 प्रो को हमने 15 दिन इस्तेमाल किया। फोन की खूबियां, कमियां कुछ इस तरह से हैं।

यह रियलमी की तीसरी डिवाइस है। रियलमी-1 में कंपनी ने परफॉर्मेंस और बड़ी बैटरी पर फोकस किया था, जबकि रियलमी-2 में नॉच डिस्प्ले और फिंगरप्रिंट सेंसर। रियलमी-2 प्रो इन्हीं दोनों फोन्स का कॉम्बिनेशन लगता है।

फोन अपने डिस्प्ले से प्रभावित करता है। ड्यू ड्रॉप नॉच और 1080X2340 रेजॉलूशन के डिस्प्ले को पहली बार इतनी कम कीमत में लाया गया है। ड्यू ड्रॉप या वॉटर ड्रॉप नॉच डिस्प्ले हमने ओपो एफ9 प्रो में भी देखा था। लेकिन यहां इसकी एक खामी है। इसका नॉच कंटेंट के सामने आने पर उसे मिटा देता है या कहें हाइड कर देता है। कोई आर्टिकल पढ़ते हुए यह ज्यादा अखरता है। कलर्स ब्राइट और कॉन्ट्रास्ट काफी उम्दा है। बड़ी स्क्रीन के बावजूद फोन बड़ा नहीं लगता, क्योंकि स्क्रीन टु बॉडी रेशियो के बीच फासला काफी कम है।

  

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    अगर आप महीने भर की अपनी आय और खर्चों का हिसाब किसी कॉपी की बजाय अपने फोन में रखना चाहते हैं तो ये ऐप्स आपके काम आ सकते हैं। इन ऐप्स के जरिए आप दिन/सप्ताह/महीने या फिर सालभर के खर्चों का हिसाब चुटकियों में रख पाएंगे। ये ऐप्स आपके ट्रांजैक्शन के मेसेजेज को ट्रैक करके एक निश्चित समय के लेनदेन का हिसाब रखते हैं। नीचे की स्लाइड्स में जानिए ऐसे बेस्ट के बारे में….

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    इस ऐप की मदद से आप पूरे महीने के लिए समरी ले सकते हैं। इस ऐप को लगातार यूज करते रहने पर यूजर्स को इसका प्राइम वर्जन मिल जाता है। इसके जरिए आप अपने बैंक अकाउंट में पैसे भी भेज सकते हैं। यह 40 से अधिक बैंक्स को सपॉर्ट करता है जिनके साथ आप इस ऐप के जरिए लेनेदेन कर सकते हैं। साथ ही आपके मेसेजेस को पढ़कर आपके खर्चों का सारा हिसाब किताब रखता है। साथ ही आप इसके साथ एक लिमिट तक लोन या क्रेडिट भी ले सकते हैं। इसकी रेटिंग 4.4 है।

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    इस ऐप के जरिए आप पूरे महीने भर का रेकॉर्ड एक फोटो में देख सकते हैं। यह आय और खर्चों का एक पाई चार्ट बना देता है। आपका कोई बिल भी छूटे नहीं, इसके लिए इस ऐप में रिमाइंडर सेट करने का विकल्प दिया गया है। यह ऐप अंग्रेजी, हिंदी, स्पैनिश, जर्मन जैसी कुल 11 भाषाओं में मौजूद है। इसको यूजर्स ने 4.7 रेटिंग दी है।

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    यह एक ऑल इन वन ऐप है। टाइम्स इंटरनेट द्वारा डिवेलप किए गए इस ऐप के जरिए आप एक साथ कई काम कर सकते हैं। यह ऐप भी आपके मेसेज को पढ़कर आपके हिसाब का लेखाजोखा रखता है। खर्चों का हिसाब रखने के अलावा इस ऐप के जरिए आप सीधे म्यूचल फंड में इनवेस्ट कर सकते हैं। लोन ले सकते हैं और साथ ही इंश्योरेंस करवा सकते हैं। इसे यूजर्स ने 4.5 स्टार रेटिंग दी है।

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के लिए यह भी एक अच्छा ऐप है। इस ऐप में आप अपने महीने, सप्ताह की रिपोर्ट को पीडीएफ फॉर्मैट में सेव कर सकते हैं। यह ऐप तमिल, तेलगु, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती और कन्नड़ भाषा में मौजूद है। इसमें आप आनेवाले बिल के लिए रिमाइंडर भी सेट कर सकते हैं। रेटिंग के मामले में इसे 4.4 स्टार मिले हैं।

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    प्ले स्टोर पर आपके खर्चों पर नजर रखने के लिए कई ऐप्स मौजूद हैं। इनमें से मोनिटो एक्सपेंज मैनेजर ऐप एक लोकप्रिय ऐप है। यह ऐप आपके खर्चों और आय को ग्राफ के तौर पर भी दर्शाता है। साथ ही यह ऐप आपके पुराने डेटा तो ऑटोमैटिक ही गूगल ड्राइव पर बैकअप दे देता है। इसकी रेटिंग 4.6 है।

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    यह ऐप आपकी सारी आय और खर्चों के का हिसाब रखता है। साथ ही यह हर महीने/सप्ताह/साल के लिए क्रेडिट कार्ड बिल और बाकी बिल्स को भी ट्रैक करता है। जैसे ही आपके फोन पर कोई ट्रांजैक्शन का मेसेज आता है, ऐप उसे ट्रैक कर लेता है और ऐड करके आपके खर्चों या आय में ऐड करता है। इस ऐप को आप अपने कंप्यूटर/लैपटॉप से भी कनेक्ट कर सकते हैं। यह ऐप 11 भाषाओं में मौजूद है।

  • इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

    इस ऐप के जरिए आप महीने भर के सारे लेनेदेनों को ट्रैक कर सकते हैं। ट्रैक करने से आपको पता चल जाएगा कि आप कहां ज्यादा खर्च कर रहे हैं और इस तरह से आप अपनी आदतों में बदलाव करके खर्चा कम कर सकते हैं। इसमें यूजर समय के हिसाब यानी महीने/सप्ताह/साल के हिसाब से ट्रैक कर सकते हैं। इसके बजट मोड फीचर का उपयोग करके आफ एक फिक्स राशि सेट कर सकते हैं। फिर यह ऐप आपके खर्चों तो राशि में बांट देगा। इससे आप अपने खर्चों में जरूरत के हिसाब से बदलाव कर सकते हैं।



बिल्ड क्वॉलिटी के मामले में फोन एवरेज है। पॉलीकार्बोनेट बॉडी में ग्लॉसी फिनिश से फोन को प्रीमियम बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन उसमें यह कामयाब होता नहीं दिखता। बैक में उंगलियों के निशान और स्क्रैच के चांस बहुत ज्यादा हैं। रफ यूज करते हैं तो शायद 6 महीने में फोन पुराना लगने लगे। शायद इसीलिए कंपनी ने बैक कवर बॉक्स में ही दिया है। फिंगरप्रिंट सेंसर और फेसअनलॉक दोनों फास्ट हैं।

8 जीबी रैम और क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर के साथ रियलमी-2 प्रो बेधड़क दौड़ता है। लैग जैसी बात नोटिस में ही नहीं आई। 2 दिन तक ऐप्स बैकग्राउंड में रन होते रहे, लेकिन उससे फोन की परफॉर्मेंस और बैटरी पर असर नहीं पड़ा। गेमिंग के शौकीनों के लिए यह फोन सोने पर सुहागा है। हमने एस्फाल्ट 8 और 9 खेले। फ्रेम मिस होने जैसी बात नहीं मिली। हां! 35-40 मिनट बाद हीटिंग जरूर हुई, लेकिन बहुत नहीं। इसके अलावा गेम खेलते हुए इसका स्पीकर हाथ से ढक जाता है और बिना कम किए साउंड धीमा हो जाता है।

फोन मल्टीटास्किंग में कतई प्रभावित नहीं करता। होम स्क्रीन से आगे बढ़ते ही यह किसी ओपो फोन जैसा ही लगता है, क्योंकि यहां कलर ओएस ही कंपनी ने यूज किया है। फिर वही चीजें सामने आने लगती हैं। जैसे- कोई फोटो डिलीट करनी हो, तो सीधे सिलेक्ट न करके, सिलेक्ट में जाकर सिलेक्ट करनी पड़ती है। उसके बाद भी डिलीट ऑइकन पर क्लिक करने के बाद यूआई दोबारा यह कन्फर्म करता है कि फोटो डिलीट करनी है या नहीं। ऐसी ही उलझनें और भी हैं। इसके मुकाबले शाओमी का मीयूआई या वीवो का फनटच ज्यादा साफ-सुथरे हैं। वैसे यह फोन एंड्रॉयड वन होता तो मार्केट में बहुत बड़ा ‘धमाका’ होता।

इन ऐप्स से अपने खर्चों का रखें हिसाब

कैमरा के लेवल पर रिलयमी-2 प्रो को बेहतर कह सकते हैं। सोनी का आईएमएक्स सेंसर होने से रियर कैमरा लो लाइट शॉट्स भी अच्छे ले आता है। दिन की तस्वीरें शार्प और डिटेल के साथ आती हैं। लो लाइट में इसके कैमरा को इस रेंज में बेस्ट कहा जा सकता है। पोट्रेट मोड भी अच्छी फोटो लेता है। इफेक्ट्स के साथ भी पोट्रेट फोटो ली जा सकती है। 16 एमपी का सेल्फी कैमरा अच्छे से परफॉर्म करता है। फ्लैश नहीं है, लेकिन स्क्रीन फ्लैश से काम चल जाता है। सेल्फी कैमरा उन लोगों को खासा पसंद आएगा, जिन्हें ब्राइट दिखने की हसरत है। यहां ओपो फोन्स की तरह ही जरूरत से ज्यादा ब्राइट फोटो आती हैं। कई बार तो इतनी कि एडिटिंग की जरूरत भी नहीं लगती। पोट्रेट फोटो सेव होने में भी कुछ सेकंड ज्यादा लगते दिखे।

बैटरी के मामले में फोन बेहतरीन है। खूब चलाकर भी दिनभर टेंशन नहीं रहती। 35% बैटरी पर आधे घंटे यूट्यूब विडियोज देखने के बाद भी बैटरी उतनी ही मिली। हां, फास्ट चार्जिंग नहीं है। ऐसे में सवा दो घंटे लग जाते हैं, फुल चार्ज होने में। इस फोन में एक खास फीचर यह है कि पावर बटन को ही गूगल असिस्टेंट बटन बनाया जा सकता है। इसके लिए स्मार्ट एंड कन्विनिएंट ऑप्शन में जाकर फीचर एक्टिवेट करना होगा। वैसे होम आइकन दबाकर भी यह मिल जाता है। रियलमी-2 प्रो के सामने नोकिया 6.1 प्लस, रेडमी 6 प्रो और एमआई ए2 जैसे फोन्स हैं, लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में रियलमी आगे नजर आता है।

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