पाकिस्‍तान की देन है ‘तितली’ तूफान, जानते हैं कैसे ?

शिक्षा
ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

नई दिल्‍ली

ओडिशा में जिस चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ने कहर मचा रखी है, जानते हैं उसका नाम तितली किसने रखा है। यह हमारे पड़ोसी देश पाकिस्‍तान की देन है। पाकिस्‍तान ने इस चक्रवाती तूफान का नाम ‘तितली’ रखा है। ‘तितली’ ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक पहुंच गया है। दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में तूफान के कारण भारी बारिश और भूस्खलन की ख़बरें आ रही हैं। तूफान के कारण कच्चे घर, पेड़ और बिजली के खंभे आदि गिरने से कई जगहों में सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है। रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि जब यह तूफान इतना भयावह रूप ले चुका है तो इसका नाम ‘तितली’ क्‍यों रखा गया है ? जबकि तितली तो इतनी नाजुक होती है। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे होता है इन तूफानों का नामकरण और क्‍या है प्रक्रिया…

तूफानों का नाम रखने की शुरुआत
हिंदमहासागर में आने वाले तूफानों का नाम इस क्षेत्र के 8 देश भारत, बांग्‍लादेश, मालदीव, म्‍यांमार, ओमान, पाकिस्‍तान, श्रीलंका और थाइलैंड रखते हैं। वर्ष 2000 से यह परंपरा शुरू हुई थी। साल 2004 में सभी देशों के बीच तूफानों के नाम रखे जाने को लेकर सहमि‍त बनीं। कुल 64 नाम चुने गए हैं। इनमें सभी 8 देशों की ओर से तूफानों के 8 नाम चुने गए हैं। इन नामों की सूची World Meteorological Organization (WMO) के पास सुरक्षित है। इस संगठन का मुख्‍यालय जेनेवा में है। हिंद क्षेत्र में तूफान आने पर WMO सीरियल के आधार पर उस लिस्‍ट में आने वाले नाम पर तूफान का नाम रख देता है।

  

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    बंगाल की खाड़ी पर बने दबाव के कारण आया चक्रवाती तूफान ‘तितली’ भयावह रूप लेता जा रहा है। ओडिशा के तटीय इलाकों में इसका भयानक रूप देखने को मिल रहा है। तस्वीरों में देखें ओडिशा में ‘तितली’ का असर..

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    तूफान की वजह से श्रीकाकुलम में पेड़ गिए जिससे सड़क मार्ग बाधित हो गया।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    गोपालपुर में 5 मछुआरों को लेकर एक नाव पलट गई। राहत और बचाव टीम ने पांचों को बचा लिया।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    वीरघट्टम के कंबलवलासा में तितली के कारण केले के फसल चौपट हो गई।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    तटों पर लहरें तेज होने से सुरक्षा को देखते हुए आरके बीच पर अलर्ट मरीन पुलिस। बता दें कि चक्रवात की भयावहता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 18 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। सरकार ने ऐहतियात बरतते हुए बुधवार को ही तटीय इलाकों से करीब तीन लाख लोगों को बाहर निकाल लिया था।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    गोपालपुर में तूफान के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। विशाखापत्तनम में तेज हवा के कारण उड़ता हुआ फ्लेक्सी बोर्ड।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    पांच जिलों गुंजम, पुरी, खुरा और केंद्रापाड़ा से लोगों को निकाला जा रहा है। ओडिशा में तितली तूफान, बीती रात तक तटीय इलाकों से 10,000 लोगों को सरकारी आश्रयगृहों में पहुंचाया गया। विशाखापत्तनम में पानी के बीच से पोर्ट से निकलती नाव।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    विशाखापत्तनम में तेज रफ्तार हवाओं के कारण झूलते पेड़। ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 11 और 12 अक्टूबर को बंद करने का आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाधी ने कहा कि राज्य में 11 अक्टूबर को होने जा रहे छात्र संघ चुनावों को रद्द कर दिया गया है।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    चक्रवाती तूफान ‘तितली’ के मद्देनजर 11 और 12 अक्टूबर को भुवनेश्वर, कटक, ढेंकनाल, संभलपुर, खुर्दा और बेरहमपुर में होने वाली रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा रद्द कर दी गई है। नई तारीख और जगह का विवरण अभ्यर्थियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल पर भेज दिया जाएगा।

  • ओडिशा में 'तितली' का कहर, तूफानी हवाओं में उड़ा सब

    पुरी के तट पर चक्रवाती तूफान के बीच टहलती एक महिला। मौसम विभाग ने इस तूफान की रफ्तार 165 किलोमीटर प्रतिघंटा पहुंचने की भी आशंका जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया था कि इस चक्रवात के कारण 145 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं



भारत-पाकिस्‍तान ने दिए हैं ये नाम
भारत की ओर से 8 नामों में अग्नि, आकाश, बिजली, जल, लहर, मेघ, सागर और वायु दिए गए हैं। वहीं पाकिस्‍तान की ओर से फानूस, लैला, नीलम, वरदाह, तितली और बुलबुल के अलावा 2 और नाम दिए हैं। इस बार आए तूफान का नाम ति‍तली पाकिस्‍तान के द्वारा दिया गया है। जबकि इससे पहले पिछले साल मई में जो तूफान आया था ‘ओखी’ उसे बांग्‍लादेश की ओर से दिया गया था। इससे पहले 2013 में ओडिशा और आंध्र प्रदेश में ‘फेलिन’ तूफान कहर बरपा चुका है। इस साइक्‍लोन का नाम थाइलैंड की ओर से दिया गया था।

Products You May Like

Articles You May Like

राशिफल 15 जनवरी: शुक्रवार को इन 3 राशियों पर है वीनस की कृपा
सऊदी अरब के शाहजादे मोहम्मद बिन सलमान भारत पहुंचे, एयरपोर्ट पर PM मोदी ने किया स्वागत
Pulwama Terror Attack: पुलवामा हमले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर बोलीं प्रियंका गांधी: अभी राजनीति पर बात करने का समय नहीं
Pulwama Terror Attack: आदिल अहमद डार ही था वह आतंकी, जिसने CRPF के काफिले पर हमले को अंजाम दिया
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *