सिंधिया के गढ़ में शाह, किला भेदने का लक्ष्य

देश

सिंधिया के गढ़ में पहुंचेंगे शाह

भोपाल

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मंगलवार को मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया के इलाके का तूफानी दौरा करेंगे। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अमित शाह का मध्य प्रदेश यह पहला दौरा है। इस वजह से प्रदेश बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यह यात्रा इसलिए भी खास है कि बीजेपी, सिंधिया का किला ध्वस्त करने के लिए पूरा जोर लगा रही है।

गौरतलब है है कि गत 6 अक्टूबर को भी अमित शाह मध्य प्रदेश के दौरे पर आए थे। तब वे इंदौर, झाबुआ, जाबरा और उज्जैन गए थे, लेकिन पूरी तैयारी के बाद भी पार्टी आशा के अनुरूप भीड़ नहीं जुटा पाई थी। उसी दिन चुनाव की तारीखें भी घोषित हुई थीं। शाह के दौरे में कोई चूक न हो इसलिए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने खुद कमान संभाल रखी है। अमित शाह ग्वालियर पहुंचेंगे। उसके बाद शिवपुरी और गुना जाएंगे। वह इन सभी जगहों पर रोड शो के अलावा जनसभाएं भी करेंगे।

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इस यात्रा को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता इस वजह से है, क्योंकि यह सिंधिया का गढ़ है। ज्योतिरादित्य इस इलाके से लोकसभा का प्रतिनिधित्व करीब डेढ़ दशक से कर रहे हैं। अमित शाह ने अध्यक्ष बनने के साथ ही सिंधिया के गढ़ को फतह करने का टारगेट अपने लोगों को दिया था। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा को इसका जिम्मा दिया गया था, लेकिन पूरी ताकत लगाने के बाद भी बीजेपी विधानसभा के दो उपचुनाव नहीं जीत पाई थी।

अब अमित शाह खुद आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के समय नरेन्द्र मोदी भी गुना शिवपुरी के दौरे पर आए थे, लेकिन परिणाम नहीं बदलवा पाए थे। अब यह 11 दिसंबर को ही पता चलेगा कि शाह के दौरे का इस क्षेत्र के लोगों पर कितना असर पड़ा।

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यहां यह भी बताना उचित रहेगा कि ग्वालियर का किला सिंधिया के हाथ से निकल चुका है। ग्वालियर की ज्यादातर विधानसभा सीटों और लोकसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है। शिवपुरी से भी ज्योतिरादित्य की छोटी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया बीजेपी की विधायक हैं। इस इलाके पर नजर के चलते ही प्रधानमंत्री ने गत 25 सितम्बर को भोपाल में यह ऐलान किया था कि बीजेपी की संस्थापक सदस्य राजमाता विजयाराजे सिंधिया का जन्मशताब्दी वर्ष मनाएगी। देखना यह है कि इस इलाके के लोग राजमाता की पार्टी का साथ देते हैं या फिर उनके पौत्र के साथ ही रहते हैं।

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