AIIMS: नर्सिंग ऑफिसर्स के लिए जॉब

कैरियर, जॉब junction
सरकार की योजना

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली

ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ने 2000 नर्सिंग ऑफिसर पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इन नर्सिंग ऑफिसर्स को AIIMS भोपाल, AIIMS जोधपुर, AIIMS पटना और AIIMS रायपुर में पोस्टिंग मिलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी वैकंसी से जुड़ी और डीटेल जानने के लिए AIIMS की वेबसाइट चेक कर सकते हैं।

रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स का BSc (Hons) Nursing/B.Sc.Nursing या B.Sc. (Post-Certificate) / Post-Basic B.Sc. Nursing or Diploma in general mursing Midwifery होना जरूरी है। इसके अलावा नर्स या मिड वाइफ के तौर पर राज्य या भारत नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।

  

  • सरकार की योजना

    सरकार की 130 जरनल नर्सिंग मिडवाइफरी और 130 ऑग्जिलरी नर्सिंग मिडवाइफ स्कूल खोलने की योजना है। इनके अलावा विभिन्न राज्यों में राज्य नर्सिंग परिषद और नर्सिंग सेल को भी मजबूत बनाया जाएगा। नर्सिंग के क्षेत्र में अब महिलाओं के साथ पुरूष भी बड़ी संख्या में भागीदारी कर रहे हैं। विदेशों में नर्सिंग के सुनहरे मौकों ने भारत से नर्सों की बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित किया है, जिससे अपने देश में ही नर्सिंग पेशेवरों की संख्या में भारी गिरावट आ गई है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने इस स्थिति में सुधार लाने के लिए पूरी नर्सिंग व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है।

  • सरकार की योजना

    नर्सों की कार्यक्षमता के हिसाब से उनकी भूमिकाओं को इस तरह विभाजित किया जा सकता है, जैसे जनरल नर्स। हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और चिकित्सालय संस्थानों में नर्सिंग का काम करने वालों को जरनल नर्स कहा जाता है। उनके मुख्य कार्य में मरीजों की देखभाल, डॉक्टर के काम में सहयोग और प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। इसके बाद मिडवाइफ, इस श्रेणी में वह नर्स आती हैं, जिनकी विशेषज्ञता गर्भवती महिलाओं का ख्याल रखना और चाइल्डबर्थ के दौरान सहायता मुहैया करना है। इसके अलावा हेल्थ वर्कर के रूप में भी काम करते हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने वाले नर्सिंग से जुड़े लोग हेल्थ वर्कर कहलाते हैं।

  • सरकार की योजना

    चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पतालों का काम-काज इस दौर में बहुआयामी हुआ है। अब सिर्फ उपचार नहीं बल्कि सेवा सत्कार पर भी ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिला है। विदेशों से उपचार के लिए आए मरीज हर लिहाज से अच्छी सुविधा चाहते हैं। इन बदलावों ने नर्सिंग के करियर को भी नए आयाम दिए हैं।

  • सरकार की योजना

    जानकारों के मुताबिक नर्सिंग में कई स्तर पर कोर्स उपलब्ध है। ऑग्जिलरी नर्स मिडवाइफरी (एएनएम) कोर्स में 12वीं के बाद प्रवेश लिया जा सकता है। जनरल नर्सिंग ऐंड मिडवाइफरी (जीएनएम) के लिए भी न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी गई है।

  • सरकार की योजना

    भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पुणे, महराष्‍ट्र।

    श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई, छत्तीसगढ़।

    दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली।

    केएमसीएच कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कोयंबटूर, तमिलनाडु।

    (संस्थानों के नाम केवल संकेत के लिए हैं)



जिन कैंडिडेट्स के पास डिप्लोमा डिग्री है उनका 50 बेड वाले अस्पताल में 2 साल का अनुभव जरूरी है। आयुसीमा 21 से 30 साल।

जनरल कैंडिडेट्स की फीस 1500 और एससी/एसटी कैंडिडेट्स के लिए 1200 है वहीं। PwD कैंडिडेट्स को कोई फीस नहीं देनी होगी। कैंडिडेट्स का चुनाव कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के जरिए होगा। परीक्षा 7 दिसंबर 2018 को होगी।

Products You May Like

Articles You May Like

मीटू: अकबर के मानहानि केस की सुनवाई 31 को
बिहार एनडीए में सीटों के बंटवारे पर बनी सहमति, जेडीयू की सीटें बढ़ने की संभावना
बिहार : कुछ ही दिनों में जिला शिक्षा अधिकारी बन जाता शख्स, लेकिन अपराधियों ने गोली मारकर ले ली जान
धनु राशिफल 19 अक्टूबर 2018: आर्थिक लाभ होगा
जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र कांग्रेस में शामिल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *