फोन इस्तेमाल करने पर डांटा तो लड़की की खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कक्षा में फोन का इस्तेमाल करने पर शिक्षक की डांट से आहत 16 वर्षीय लड़की ने सरकारी स्कूल में कथित रूप से खुदकुशी कर ली. दीपका थाने के प्रभारी (एसएचओ) शरद चंद्र ने बताया कि नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली बबली यादव ने शनिवार को नोनबिर्रा गांव में स्थित सरकारी उच्च विद्यालय के परिसर में एक पेड़ से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिक्षक ने पढ़ाने के दौरान कक्षा में यादव को फोन पर बात करते हुए देख लिया था. चंद्र ने बताया कि यादव ने फोन को खिड़की से बाहर फेंक दिया था लेकिन शिक्षक ने वहां से फोन उठा लिया और स्कूल के प्रधानाचार्य को शिकायत कर दी.

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उन्होंने यादव को डांट भी लगाई. अधिकारी ने बताया कि यादव के पिता को स्कूल प्रधानाचार्य ने घटना के बारे में बात करने के लिए स्कूल बुलाया लेकिन पेशे से किसान उसके पिता काम के कारण नहीं आ सके. उन्होंने बताया कि जब लड़की स्कूल खत्म होने के बाद भी घर नहीं पहुंची तो उसका भाई उसे ढूंढता हुआ स्कूल पहुंचा तो वह एक पेड़ से लटकी मिली. एसएचओ ने बताया कि एक मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच चल रही है.  गौरतलब है कि ऐसे ही एक अन्य मामले में रैंगिंग से परेशान छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. मामला मध्य-प्रदेश का था.

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पुलिस के अनुसार रैगिंग से परेशान एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी. कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी राजेश साहू ने बताया था कि एमबीबीएस के छात्र यश साठे (21) ने चंद्रशेखर वार्ड स्थित अपने रिश्तेदार के घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.उसका शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला. उन्होंने कहा कि वह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लक्ष्मीनारायण कॉलेज में अध्ययनरत था और बैतूल का निवासी था. वह 12 जून की रात को ही भोपाल से बैतूल लौटा था.

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साहू ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है. परिजनों के बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि मौत के कारण ज्ञात हो सके. वहीं यश के पिता प्रहलाद साठे ने बताया, ‘पिछले साल मैंने अपने पुत्र यश साठे का दाखिला भोपाल के लक्ष्मीनारायण मेडिकल कॉलेज में कराया था. वहां कॉलेज में पढऩे वाले कुछ सीनियर छात्र-छात्राओं ने उसकी रैगिंग की थी, जिसकी कॉलेज प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.’ प्रहलाद ने कहा, ‘सीनियर छात्र उसे रैगिंग के बहाने परेशान कर रहे थे. कॉलेज की छात्र-छात्राओं ने उसके साथ मारपीट भी की थी.’ (इनपुट भाषा से) 

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