लाल बाग के राजा की पहल झलक देखिए, जानें गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त

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13 सितंबर, गुरुवार को विनायक चतुर्थी के अवसर पर गणेश पूजन का आरंभ होने जा रहा है। गणेशोत्सव को भारत में बहुत धुम धाम से मनाया जाता है। साल 1934 से लाल बाग के राजा की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है। हर साल की तरह इसबार भी मुबंई के लालबागचा के राजा की पहली झलक पाने के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिलता है। इस अवसर पर गणेशजी के स्वागत के लिए पंडाल सज चुका है तो इनकी झलक भी आप देख लीजिए।

1/6दर्शन से भाग्यशाली समझते हैं भक्त

लालबागचा के राजा के दर्शन के लिए अंबानी परिवार से लेकर बड़े-बड़े बॉलिवुड के स्टार्स लाइन में लगते हैं। यहां कई बड़े नेता दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आज हालत यह है कि लालबाग के राजा के दर्शन करना ही अपने आप में भाग्यशाली हो जाना है।

2/624 घंटे होंगे दर्शन

सभी भक्त 13 सिंतबर, गुरुवार से सुबह 6 बजे से 22 सितंबर, शनिवार तक 24 घंटे तक लालबागचा के राजा के दर्शन कर सकेंगे। सुबह की आरती 12.30 बजे होगी और शाम आरती 08.30 बजे होगी। मंडल ने बुधवार की सुबह 4 बजे ही गणेशजी यानी लालबागचा राजा की स्थापना कर दी थी।

3/61934 में हुई थी मंडल की स्थापना

लालबागचा के राजा की ख्याति इसी बात से आंकी जा सकती है यहां पर जो चढ़ावा आता है वह 20 से 25 करोड़ रुपयों से अधिक का है जो भक्तजन अर्पित करते हैं। इस मंडल की स्थापना वर्ष 1934 में अपने मौजूदा स्थान पर (लालबाग, परेल) हुई थी।

4/6बहुत ही मनमोहक है लालबागचा राजा की प्रतिमा

इस बार के भगवान गणेश की प्रतिमा बहुत ही मनमोहक हैं। लाल रंग के वस्त्र पहने हुए हैं और पीताम्बर रंग का पटका लिए हुए हैं। लालबागचा के राजा सोने का मुकुट धारण किए हुए हैं और उनके पास चांदी की गदा है। भगवान के दर्शन पाने के लिए यहां हर साल करीबन 5 किमी की लंबी कतार लगती है।

बताया जाता है कि बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव की शुरुआत की थी। अंग्रेजों से भारत माता को आजाद कराने के लिए सभी देशवासियों को इकट्ठा करने के लिए गणेश उत्सव का आयोजन की शुरुआत की गई। उस दौरान देश में सभी जगह भगवान गणेश के बड़े-बड़े पंडाल लगाए जाते थे और स्वतंत्रता संग्राम के लिए चर्चा करते थे।

5/6यह है शुभ मुहूर्त

10 दिनों तक चलने वाला गणेश उत्सव 13 तारीख से आरंभ होकर अनंत चतुर्दशी के दिन 23 सितंबर को समाप्त होगा। इस साल चतुर्थी तिथि का आरंभ 12 सितंबर को शाम 4 बजकर 8 मिनट से हो रहा है। शाम में चतुर्थी तिथि होने की वजह से गणेशजी की प्रतिमा स्थापना और पूजन 13 सितंबर को करना शास्त्रानुकूल माना गया है।

6/6प्रतिमा का स्थापन मुहूर्त

13 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट तक है। ऐसे में गणेश प्रतिमा स्थापन करने का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 8 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।

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