सेना में बदलाव: आर्मी चीफ ने कमांडर्स संग की चर्चा

देश

नई दिल्ली

भारतीय सेना को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सेना के भीतर चल रही स्टडी पर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी कमांडर्स के बीच चर्चा हुई। स्टडी ग्रुप को लीड कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल ने स्टडी में सामने आए प्रस्तावों की पहली रिपोर्ट पर सातों आर्मी कमांडर्स की राय ली। अब इस मीटिंग से निकले सुझावों को प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा। इसके बाद यह प्रस्ताव अक्टूबर में होने वाली कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में चर्चा के लिए लाया जाएगा।


इस चर्चा के बाद क्या?
सूत्रों के मुताबिक दिन भर चली इस मीटिंग में आर्मी कमांडर्स ने आर्मी रिस्ट्रक्चरिंग से लेकर ऑफिसर्स रिव्यू तक हर मसले पर अपने सुझाव दिए ताकि बदलावों का असर फील्ड पर सकारात्मक हो। अब इन सुझावों के आधार पर रिपोर्ट को तैयार की जाएगी। एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक अक्टूबर में होने वाली कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में इसे ज्यादा अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।

इस कॉन्फ्रेंस का मकसद यह होगा कि कमांडर्स को जो भी दुविधा या असहमति होगी वे उसे अड्रेस कर सकेंगे। इसके बाद जरूरी बदलाव का प्रस्ताव को तैयार किया जा सकेगा। जो प्रपोजल सामने आएंगे उसे हर डिविजन, हर ब्रिगेड तक भेजा जाएगा ताकि मेजर रैंक तक हर कोई अपनी आपत्ति या सुझाव इसमें दे सके। इसके बाद दिसंबर में फाइनल प्रपोजल तैयार कर आर्मी चीफ को सौंप दिया जाएगा।

अतिरिक्त खर्च कम करने की कोशिश
पहली स्टडी से सामने आए प्रस्तावों में 6-7 साल के भीतर सेना से अतिरिक्त मैनपावर कम करना है। करीब 7 साल में करीब डेढ़ लाख लोग कम हो सकते हैं, जिससे सैलरी और दूसरे खर्चों में बचत होगी। इस रकम को सेना के मॉर्डनाइजेशन में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह स्टडी ‘सेना के पुनर्गठन’ नाम से की जा रही है।

सीधे कैप्टन बन सकते हैं और कर्नल के बाद सीधे मेजर जनरल
‘ऑफिसर्स कैडर रिव्यू स्टडी’ में जो प्रस्ताव सामने आए हैं उनमें कहा गया है कि सिविल सर्विसेज में टॉप पोजिशन तक पहुंचने के लिए 6 प्रमोशन होते हैं, जबकि आर्मी में 9 प्रमोशन की जरूरत होती है। इसलिए ऑफिसर्स रैंक में बराबरी लाने के लिए यह प्रस्ताव किया जा रहा है कि आईएमए से निकलकर ऑफिसर सीधे कैप्टन के तौर पर कमिशन हों और लेफ्टिनेंट का रैंक उन्हें अकैडमी में ही दे दिया जाए।

साथ ही कर्नल के बाद सीधे मेजर जनरल के पद पर प्रमोशन हो। ब्रिगेडिर का पद खत्म किया जाए और जूनियर मेजर जनरल को इंटीग्रेटेड ब्रिगेड कमांड करने को दी जा सकती है। इंटिग्रेटेड ब्रिगेड में 4 से 5 बटालियन हो सकती हैं। अभी ब्रिगेडियर 3 बटालियन वाली ब्रिगेड को कमांड करते हैं।

आर्मी हेडक्वॉर्टर का रिव्यू
तीसरी स्टडी में आर्मी हेडक्वॉर्टर का रिव्यू हो रहा है। इसमें कोशिश की जा रही है कि हेडक्वॉर्टर से अतिरिक्त मैनपावर कम की जाए। लगभग एक जैसा काम कर रहे निदेशालयों को मिलाकर एक किया जा सकता है। इसके साथ-साथ कुछ निदेशालयों को दिल्ली से बाहर शिफ्ट किया जा सकता है। कोशिश है कि फ्रंट लाइन पर ऑफिसर्स की उपलब्धता ज्यादा हो सके।

बढ़ सकती है जवान के रिटायरमेंट और पेंशन की उम्र
चौथी स्टडी में जवान के टर्म ऑफ एंगेजमेंट का रिव्यू किया जा रहा है। अभी जवान 15 साल में रिटायरमेंट ले सकता है। प्रस्ताव है कि इसे बढ़ाया जाए ताकि हर साल पेंशन पर होने वाले खर्च को तो बचाया ही जा सके साथ ही ट्रेंड जवान भी सेना में उपलब्ध रहें। इसके लिए 15 साल में पेंशन पर जाने वाले जवान को पेंशन का कुछ प्रतिशत दिया जा सकता है। 17 साल में कुछ ज्यादा, 19 साल में उससे ज्यादा करने का प्रस्ताव शामिल है। रिटायरमेंट उम्र भी 2-2 साल बढ़ाकर 20 साल तक की जा सकती है।

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