सैलरी का इंतजार कर रहे एयर इंडिया के पायलटों ने पूछा, क्या हमारी एयरलाइन सुरक्षित है?

बिज़नेस

सौरभ सिन्हा, नई दिल्ली

भारत भले ही दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ रहे एविएशन मार्केट्स में से एक है, लेकिन देश की दो एयरलाइन कंपनियों एयर इंडिया और जेट एयरवेज की आर्थिक हालत पतली है। शुक्रवार को एयर इंडिया के पायलटों के संगठन इंडियन कमर्शल पायलट्स असोसिएशन ने मैनेजमेंट से पूछा कि क्या उनके पास जरूरी और रेग्युलर मेंटनेंस के लिए पर्याप्त राशि मौजूद है। पायलटों ने पूछा है कि क्या हमारी एयरलाइन सेफ है? एयर इंडिया के पायलटों की ओर से यह सवाल जेट एयरवेज की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों के ठीक एक दिन बाद पूछा गया है।

इन नतीजों में जेट एयरवेज का परफॉर्मेंस खासा खराब रहा है। इसके अलावा बीते कुछ दिनों में उसके शेयरों में 12 पर्सेंट तक की गिरावट आई है। एयर इंडिया और जेट एयरवेज की देश से बाहर की हवाई यात्राओं में 30.5 फीसदी की हिस्सेदारी है। 2017 में विदेश जाने वाले 5.9 करोड़ हवाई यात्रियों में से 1.9 करोड़ यात्रियों ने एयर इंडिया और जेट एयरवेज से यात्रा की।

इसके अलावा घरेलू हवाई मार्केट की बात की जाए तो दोनों कंपनियों की 28 फीसदी हिस्सेदारी है। फिलहाल दोनों ही कंपनियां गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही हैं। पायलटों समेत एयर इंडिया के हजारों एंप्लॉयीज को अब तक जुलाई महीने की सैलरी नहीं मिली है और उन्हें यह भी नहीं बताया गया है कि कब तक मिल पाएगी।

Products You May Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *