मुंबई-अहमदाबाद के बाद इन शहरों को बुलेट से जोड़ने पर चल रहा काम

बिज़नेस

नई दिल्ली

भले ही अभी मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलने में कुछ सालों की देरी है, लेकिन सरकार ने इस बीच कुछ और शहरों को बुलेट नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। लोकसभा में जानकारी देते हुए सरकार ने बताया कि 6 रूटों को बुलेट चलाने के लिए तय किया गया है और इन पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। लोकसभा में सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि देश के 4 प्रमुख मेट्रो शहरों दिल्ली, चेन्नै, मुंबई और कोलकाता को हीरक चतुर्भुज नेटवर्क के जरिए जोड़ा जाएगा।

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इसके अलावा नागपुर और बेंगलुरु को भी इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। सरकार की ओर से दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता (लखनऊ होते हुए), मुंबई-चेन्नै, दिल्ली-चेन्नै (नागपुर के रास्ते), मुंबई-कोलकाता (नागपुर के रास्ते) और चेन्नै-बेंगलुरु, मैसूर के रूट पर फिजिबिलिटी सर्वे कराया जा रहा है। सरकार इन रूटों पर बुलेट दौड़ाने के लिए फ्रांस, स्पेन, चीन, जापान और जर्मनी से सहायता ले रही है।

ये 6 रूट मुंबई-अहमदाबाद प्रॉजेक्ट से अलग हैं। सरकार का कहना है कि मुंबई-अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेन 2022 तक चलने लगेगी। इस प्रॉजेक्ट में जापान की ओर से भारत को मदद की जा रही है। फिलहाल मुंबई से अहमदाबाद के बीच सफर में 7 घंटे का वक्त लगता है, लेकिन बुलेट ट्रेन से यह सफर 2 घंटे में ही पूरा हो सकेगा।


जापान से मिल रहा है 88,000 करोड़ का लोन


इस प्रॉजेक्ट के लिए जापान इंटरनैशनल को-ऑपरेशन एजेंसी की ओर से 88,000 करोड़ रुपये का लोन मुहैया कराया जा रहा है। इस लोन की अवधि 50 साल की होगी और इस पर भारत को 0.1 फीसदी का ब्याज चुकाना होगा। जापान ने इस लोन के लिए 15 साल तक का समय दिया है, उसके बाद ही इस लोन की वापसी शुरू होगी। अनुमानों के मुताबिक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट प्रॉजेक्ट पर 17 अरब डॉलर की राशि खर्च होगी।

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