तगड़ा घाटा सहने वाले एसबीआई को दिसंबर तिमाही में फायदे की उम्मीद

बिज़नेस

नई दिल्ली/बेंगलुरु

फाइनैंशल इयर 2018-19 की पहली तिमाही में 4,876 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा सहने वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को तीसरी तिमाही में मुनाफे के साथ वापसी करने की उम्मीद है। लगातार तीसरी तिमाही में बड़ा नुकसान उठाने के बाद देश के सबसे बड़े बैंक के चेयरमैन ने कहा कि बैड लोन के असर से बैंक दिसंबर तक निपट जाएगा और इसके अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे। बता दें कि नॉन-परफॉर्मिंग लोन के चलते मार्च के अंत तक भारतीय बैंकों को करीब 150 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।

इनमें भी एसबीआई समेत 21 सरकारी बैंकों की कुल नुकसान में 86 फीसदी हिस्सेदारी है। इन बैंकों में भारत सरकार का भी हिस्सा है। जून के अंत में एसबीआई के कुल नॉन-परफॉर्मिंग लोन्स का आंकड़ा 30.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि बैड लोन के प्रोविजन में भी कमी आई है।

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हालांकि कमजोर ट्रेडिंग इनकम और ट्रेजरी लॉस के चलते देश की बैंकिंग में 20 फीसदी हिस्सा रखने वाले एसबीआई को 4,876 करोड़ रुपये का लॉस उठाना पड़ा है। इससे पहले वाली तिमाही में बैंक को 77.18 अरब रुपये का लॉस हुआ था। यदि पिछले साल इसी तिमाही से तुलना करें तो दिग्गज बैंक को 20.06 अरब रुपये का लाभ हुआ था।

नतीजों के बाद पत्रकारों से कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात करते हुए बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, ‘आने वाले समय में बैड लोन के जुड़ने की संख्या कम होगी। इसके अलावा डिफॉल्ट केसों को बैंकरप्सी कोर्ट ले जाया जाएगा, जिससे लोन रिकवरी तेज होगी।’ यह पूछे जाने पर कि आखिर ऐसा कब होगा, जब बैंक अपने नतीजों में लाभ की स्थिति दर्ज करेगा। रजनीश कुमार ने कहा, ‘यदि आप मुझसे 100 फीसदी पूछे तो यह दिसंबर तिमाही से शुरू होगा।’

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