ग्रॉसरी शॉपिंग पर शुरू होगा डिस्काउंट का दौर, बिगबास्केट, ग्रोफर्स, ऐमजॉन से भिड़ने को तैयार फ्लिपकार्ट

बिज़नेस

सांकेतिक तस्वीर।

वर्षा बंसल, बेंगलुरु
अलीबाबा के निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनी बिगबास्केट, सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनी ग्रोफर्स और ऐमजॉन इंडिया से मुकाबले के लिए फ्लिपकार्ट ने ‘सुपरमार्टग्रॉसरी स्टोर लॉन्च करने की घोषणा की है। इससे ग्राहक जल्द ही ग्रॉसरी पर भारी डिस्काउंट की उम्मीद कर सकते हैं। फ्लिपकार्ट अपने ग्रॉसरी बिजनस में अगले तीन साल में $26.4 करोड़ (करीब 18 अरब रुपये) के निवेश की योजना बना रही है। कंपनी के प्लान से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

इस बारे में फ्लिपकार्ट के ग्रॉसरी हेड मनीष कुमार ने कहा, ‘ग्रॉसरी खरीदते वक्त लोग अधिक से अधिक बचत करना चाहते हैं क्योंकि इसकी खरीदारी बार-बार करनी पड़ती है।’ हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस बिजनस में कंपनी कितना पैसा लगाने जा रही है। कुमार ने बताया कि ग्राहकों की बचत की ख्वाहिश को देखते हुए कुल कार्ट वैल्यू पर डिस्काउंट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले कंपनी ने बेंगलुरु में ग्रॉसरी सर्विस का सॉफ्ट लॉन्च किया था। शहर से कंपनी को जितना बिजनस मिलता है, उसमें ग्रॉसरी की हिस्सेदारी अभी ही बढ़कर 25-30 पर्सेंट हो गई है। कंपनी इस साल के अंत तक इसे हैदराबाद, चेन्नै और दिल्ली में ले जाना चाहती है।

फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट के बीच $16 अरब (11 खरब रुपये) की डील के बाद ईटी ने 29 मई को रिपोर्ट दी थी कि फ्लिपकार्ट ग्रॉसरी बिजनस के आक्रामक तरीके से विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी रोजाना डिस्काउंट, फास्ट डिलीवरी, बेहतर शॉपिंग एक्सपीरियंस और प्राइवेट लेबल ऑफरिंग्स के दम से ऑनलाइन ग्रॉसरी सेगमेंट में बड़ा हिस्सा हथियाना चाहती है। बेंगलुरु में कंपनी के पास ग्रॉसरी के लिए डेढ़ लाख एकड़ का फुलफिलमेंट सेंटर है। इसके साथ उसके पास 10,000 एसकेयू (स्टॉक कीपिंग यूनिट्स) भी हैं। फ्लिपकार्ट ने इसी कैटिगरी में ‘फ्लिपकार्ट सुपरमार्ट सिलेक्ट’ को प्राइवेट लेबल के तौर पर लॉन्च किया है।

ऑनलाइन ग्रॉसरी सेगमेंट में कड़ी टक्कर है। बिगबास्केट, ऐमजॉन और ग्रोफर्स ने पहले ही इसमें अपने पैर जमा लिए हैं। फ्लिपकार्ट इसमें देरी से एंट्री कर रहा है। मार्च में ग्रोफर्स ने सॉफ्टबैंक से $6 करोड़ (करीब 4 अरब रुपये) जुटाए थे। वहीं, बिगबास्केट ने अलीबाबा से $22 करोड़ (15 अरब रुपये) का फंड जुटाया था। बिगबास्केट भी पेटीएम मॉल के साथ तालमेल में काम कर रहा है। वहीं, ऐमजॉन ने भारत में अपने फूड रिटेलिंग वेंचर में $50 करोड़ (34 अरब रुपये) निवेश करने का वादा किया था। वह ग्रॉसरी बिजनस में भी काफी पैसा लगा रहा है। कुमार ने कहा, ‘हमारे पास बड़ा कस्टमर बेस है। बेंगलुरु में हमारे ज्यादातर ग्रॉसरी कस्टमर पहले से हमसे दूसरे सामान खरीद रहे थे।’ एक्सपर्ट्स ने बताया कि देश में ग्रॉसरी का बाजार 400 अरब डॉलर का है, जिसमें ऑनलाइन कंपनियों की हिस्सेदारी बहुत कम है। उनका कहना है कि इन कंपनियों के लिए जगह बनाना आसान नहीं होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस सेगमेंट में हार या जीत कस्टमर एक्सपीरियंस से तय होगी।

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