आजादी की लड़ाई में बापू का आखिरी दांव

शिक्षा

बापू ने इस आंदोलन की शुरुआत अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुंबई अधिवेशन से की थी। अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस ने 4 जुलाई, 1942 को एक प्रस्‍ताव पारित किया था। शुरू में तो इस प्रस्‍ताव को लेकर पार्टी में काफी मतभेद थे। पार्टी नेता सी राजगोपालाचारी ने पार्टी छोड़ दी। मगर नेहरू और मौलाना आजाद ने बापू के आह्वान पर अंत तक इसके समर्थन का फैसला किया।

Products You May Like

Articles You May Like

भागवत के बाद योगी- राम मंदिर की करें तैयारी
अब जल्द ही ई-वॉलिट्स के बीच हो सकेगा मनी ट्रांसफर, RBI ने जारी कीं गाइडलाइन्स
Jio के इस प्लान में मिलेगा 547.5 जीबी डेटा, Jio दिवाली 100 प्रतिशत कैशबैक ऑफर भी लॉन्च
वृश्चिक राशिफल 20 अक्टूबर 2018: धार्मिक आस्था बढ़ेगी
UP: व्यापम केस में आरोपी डॉक्टर ने की खुदकुशी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *