यूनिवर्सिटी के लिए हायरिंग का अड्डा बने IIT

कैरियर, जॉब junction

सांकेतिक तस्वीर

श्रीराधा बसु, कोलकाता
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (आईआईटी) भले ही फैकल्टी की भारी कमी से जूझ रहा है, लेकिन वह एजुकेशन सेगमेंट में दूसरी संस्थाओं के लिए भरपूर टैलंट पैदा कर रहा है। आईआईटी (पुराने और नए दोनों) अमृता यूनिवर्सिटी, शिव नादर यूनिवर्सिटी, संदीप यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी और सीवी रमन कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग के साथ-साथ FIITJEE, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज और परफेक्ट अकैडमी जैसे कोचिंग सेंटर के लिए टैलंट हंटिंग ग्राउंड बन गए हैं। ये इंस्टिट्यूट फैकल्टी रोल के लिए आईआईटी के एम. टेक, एमएससी, पीएचडी और यहां तक कि बी. टेक छात्रों को तेजी से हायर कर रहे हैं।

इस साल प्लेसमेंट के दौरान ऐकडेमिक रिक्रूटर्स ने आईआईटी मद्रास, खड्गपुर, हैदराबाद, इंदौर, पटना के करीब 120 स्टूडेंट्स को हायर किया। इनमें से खड्गपुर में 39 की हायरिंग हुई। यहां के एजुकेशन स्पेस की हायरिंग में करीब 52 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। वहीं, पटना में हायरिंग की संख्या पिछले साल 10 से दोगुनी होकर 23 तक पहुंच गई है। प्लेसमेंट सेल्स का कहना है कि आईआईटी ब्रैंड आकर्षण का बड़ा केंद्र है। आईआईटी पटना के इनचार्ज (ट्रेनिंग और प्लेसमेंट) प्रोफेसर अमरनाथ हेगड़े ने बताया, ‘अगर टेक्निकल नॉलेज और प्रॉडक्टिविटी की बात की जाए तो आईआईटी स्टूडेंट्स अपनी हाई क्वॉलिटी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि उन लोगों को एजुकेशनल इंस्टिट्यूट टेक पोजिशन के लिए तरजीह दे रहे हैं।’

रिक्रूटर्स आईआईटी स्टूडेंट्स को अलग-अलग रोल के लिए हायर कर रहे हैं। इनमें सीनियर और जूनियर सब्जेक्ट फैकल्टी, असिस्टेंट प्रफेसर्स, असोसिएट प्रफेसर्स और प्रफेसर्स की पोस्ट शामिल हैं। आमतौर पर एम. टेक और पीएचडी स्टूडेंट्स को ज्यादा तरजीह दी जा रही है। आईआईटी मद्रास के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अडवाइजर मनु संथानम ने बताया, ‘प्रोग्रेसिव प्राइवेट यूनिवर्सिटीज पीएचडी स्टूडेंट्स को वरीयता दे रही हैं। वहीं, दूसरी यूनिवर्सिटीज टेक प्रोग्राम्स के लिए एम. टेक स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दे रही हैं क्योंकि उन्हें कम सैलरी पर हायर किया जा सकता है।’

इस साल आईआईटी-मद्रास में टॉप रिक्रूटर्स विग्नांस इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी ने 6 और वशिष्ठ एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस और परफेक्ट अकैडमी ने 4-4 स्टूडेंट्स को हायर किया। मनु ने बताया कि रिक्रूटर्स ने सालाना₹ 3.6-14.4 लाख के पैकेज पर स्टूडेंट्स को हायर किया है। आईआईटी रिक्रूटर्स के लिए यह बैच काफी अहम है क्योंकि अक्सर प्लेसमेंट्स का शुरुआती दौर खत्म होने के बाद भी कुछ स्टूडेंट्स बचे रह जाते हैं। कई ऐसे स्टूडेंट्स भी होते हैं, जो कॉर्पोरेट सेक्टर के बजाय ऐकडेमिक जगत में करियर बनाना चाहते हैं। आईआईटी पटना एम. टेक बैच के निशांत उज्जवल इन्हीं में से एक हैं। उज्जवल ने आईआईटी पटना जॉइन करने से पहले कलिंग इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नॉलजी से बी. टेक किया था। उन्होंने जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के सिविल इंजिनियरिंग डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर की जॉब ले ली है। वह ऐकडेमिक में अपना करियर जारी रखना चाहते हैं।

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