मोदी ने लिखी किताब, जामिया बता रहा प्रणब की

शिक्षा

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लिखी किताब ‘एग्जाम वॉरियर‘ को जामिया मिल्लिया इस्लामिया पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की लिखी किताब बता रहा है। इसका खुलासा एक छात्र की आरटीआई के जवाब में हुआ है। दरअसल, यह गलती जामिया में एमएम पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन की प्रवेश परीक्षा आंसर की के कई गलत उत्तरों में से एक है। उक्त छात्र ने आरोप लगाया कि परीक्षा में कई छात्रों को बहुत कम नंबर मिले, जिसकी वजह से उसने आरटीआई दाखिल की। जवाब में पाया गया कि आंसर की में कई गलतियां थीं। यह मामला सामने आने के बाद कुछ अन्य छात्रों का भी आरोप लगाया कि दूसरे विषयों की प्रवेश परीक्षा में भी इसी तरह की खामी सामने आई है।

टीपू जमाली नाम के छात्र ने जामिया से बीए की परीक्षा पास की है। 23 अप्रैल को उसने पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन में एमए की प्रवेश परीक्षा दी। उसने बताया, ‘अच्छी तैयारी के बावजूद मुझे कम नंबर मिले। मुझे लगा कि मैंने परीक्षा में कई गलतियां की होंगी, लेकिन मेरे कुछ दोस्तों को भी अपने रिजल्ट को लेकर ऐसी ही परेशानी थी।’ इसके बाद जमाली ने आरटीआई दाखिल कर दी। मध्य प्रदेश के गुना निवासी छात्र ने बताया, ‘मुझे जो रिजल्ट मिला, वह चौंकाने वाला था। इसमें कई गलत जवाब थे और इसी आंसर की से उम्मीदवारों के पेपर चेक किए गए। इस वजह से कई छात्रों को बहुत कम नंबर मिले होंगे।’

एक अन्य छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘कम से कम 15 प्रश्नों के उत्तर गलत थे। विश्वविद्यालय से ऐसी उम्मीद नहीं थी। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि इस तरह की गलती की वजह से कोई छात्र दाखिले से वंचित न हो।’

‘हमेशा होती रहती हैं छोटी-मोटी गलतियां’

जामिया प्रवेश परीक्षा के इस मामले को लेकर जामिया के परीक्षा नियंत्रक एएए फैजी ने कहा, ‘परीक्षा में कुछ खामियां थीं, छात्रों की शिकायत के बाद हमने उनकी पहचान की। मगर दाखिले की ज्यादातर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिनका नुकसान हुआ है, हम उन छात्रों को परीक्षा के नंबर दे सकते हैं। हालांकि, प्रवेश परीक्षा में इस तरह की छोटी-मोटी गलतियां हमेशा होती रहती हैं।’ फैजी ने कहा कि प्रवेश परीक्षा की परदर्शिता के लिए जामिया ने प्रवेश परीक्षा आंसर की और ओएमआर शीट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘आपत्ति दर्ज कराने के लिए छात्रों के पास 72 घंटे का समय होगा।’ फैजी ने यह भी बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए इसे विशेषज्ञ टीम के सामने भी रखा जा सकता है।

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