नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारत यूरोपीय संघ और वियतनाम से आयातित नाइलोन फिलामेंट धागे पर पांच साल के लिये 719 डालर प्रति टन तक डंपिंग रोधी शुल्क लगा सकता है। वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीएडी ने इसकी सिफारिश की है।

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नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारत यूरोपीय संघ और वियतनाम से आयातित नाइलोन फिलामेंट धागे पर पांच साल के लिये 719 डालर प्रति टन तक डंपिंग रोधी शुल्क लगा सकता है। वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीएडी ने इसकी सिफारिश की है। शुल्क लगाने का मकसद यूरोपीय संघ और वियतनाम से सस्ते आयात से धागा बनाने वाली घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा करना है।

जेसीटी लि., गुजरात पाली फिल्म्स प्राइवट लि., एवाईएम सिनटेक्स समेत पांच घरेलू कंपनियों ने इस संदर्भ में डंपिंग रोधी एवं संबद्ध शुल्क महानिदेशालय (डीजीएडी) को शिकायत की थी। उसके बाद डीजीएडी ने दो क्षेत्रों से नाइलोन फिलामेंट धागे के कथित डंपिंग की जांच शुरू की।

जांच में महानिदेशालय ने पाया कि इन क्षेत्रों से निर्यात किया जाने वाला उत्पाद सामान्य मूल्य से कम भाव पर निर्यात किया जाता है और इससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है।

डीजीएडी ने अधिसूचना में कहा, ‘‘प्राधिकरण डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करता है…ताकि घरेलू उद्योग के नुकसान को दूर किया जा सके।’’

शुल्क लगाने के बारे में अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय करेगा।

डीजीएडी ने 128.06 डालर प्रति टन से लेकर 719.44 डालर प्रति टन तक शुल्क लगाने की सिफारिश की है।

भाषा रमण

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