सुलझ गया बरमुडा ट्राइऐंगल का रहस्य? जानें सच

शिक्षा

आपको बता दें कि पिछले 100 साल में दर्जनों जहाज और विमान गायब होने के कारण इसको शैतानी ट्राइऐंगल भी कहा जाता है। पहली बार 1872 में यहां से द मैरी नाम का जहाज गायब हुआ था जिसका कोई पता नहीं चला। उसके बाद सबसे भयंकर हादसा 5 दिसंबर, 1945 को हुआ था जब पांच टीबीएम बमवर्षक विमान ‘फ्लाइट 19’ लापता हो गए थे। इन विमानों पर अमेरिकी नौसेना के 14 पायलट एक प्रशिक्षण अभ्यास के लिए गए थे। इस इलाके में पहुंचने के बाद उनको कुछ असमान्य सा लगा। फ्लाइट लीडर ने कंट्रोल रूम से बताया कि वहां सब कुछ अजीब सा है। समुद्र भी अजीब सा है। उनको दिशा का कुछ पता नहीं चल रहा है और जहाज के कंपस ने भी काम करना बंद कर दिया है। थोड़ी देर बाद उनका कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। बाद में उसकी खोज के लिए एक प्लेन भेजा गया। उसका भी पता नहीं चला। बरमुडा ट्राइऐंगल के बारे में दुनिया को उस समय पता चला जब 16 सितबंर, 1950 को अमेरिका के एक अखबार में इसके बारे में छपा। उसके दो साल बाद एक पत्रिका में एक लेख छपा था जिसमें फ्लाइट 19 के लापता होने का जिक्र था। तब से बरमुडा ट्राइऐंगल की पहले सुलझाने की कोशिश शुरू हो गई।

1918 में अमेरिकी नौसेना का जहाज यूएसएस साइक्लॉप्स भी गायब हो गया था। यह जहाज प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी बेड़े को ईंधन की सप्लाई करता था। जहाज में 309 लोग सवार थे। जहाज को बाल्टिमोर पहुंचना था लेकिन वहां कभी नहीं पहुंची। इसके दो और साथी जहाज 1941 में इसी रूट पर गायब हो गए।

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