बच्चों की तीन कविता

नन्ही दुनिया

बिल्ली भागी

कुत्ता भौंका बड़ी जोर से,
बिल्ली भागी जान छोड़के।
चुहिया ने तब मौज उड़ाई,
मजे-मजे से रोटी खाई।
जब बिल्ली फिर वापस आई,
उसे न चुहिया पड़ी दिखाई।
अब तो थी वह बिल के भीतर।
मस्त सो रही थी खा-पीकर।
लपकू
टिम्बक टू भाई टिम्बक टू,
लड्डू पर लपके लपकू।
लड्डू लपक लिए थे चार,
किंतु किया मुंह ने इंकार।
बोला मंजन कर डालो,
बेटे फिर लड्डू खा लो।
दौड़ीं अम्मा
डुगर-डुगर भाई डुगर-डुगर,
चलता लल्लू डुगर-डुगर।
गिरता है फिर उठ जाता,
उठकर के फिर गिर जाता।
गिरा-उठा है जिधर-जिधर,
दौड़ीं अम्मा उधर-उधर।

Products You May Like

Articles You May Like

GATE 2019: 1 सितंबर से शुरू होंगे रजिस्‍ट्रेशन
रुपये में अनावश्यक घटबढ़ से निपटने को पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार उपलब्ध: जेटली
‘बकरीद के खर्च का 10% केरल बाढ़ पीड़ितों को दें’
जब एम्स के डॉक्टरों ने अटल बिहारी वाजपेयी को जेल जाने से बचाया था, जानें पूरा किस्सा
मेष: दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *