बीच कार्यक्रम रुका कथक डांसर का परफॉर्मेंस

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मंजरी चतुर्वेदी (फाइल फोटो)मंजरी चतुर्वेदी (फाइल फोटो)

लखनऊ
यूपी सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मशहूर कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी की परफॉर्मेंस को कथित रूप से रोकने का मामला सामने आया है। सूफी कथक नृत्य के लिए चर्चित मंजरी चतुर्वेदी का कहना है कि वह उस वक्त कव्वाली पर नृत्य पेश कर रही थी लेकिन अचानक म्यूजिक बंद कर दिया गया और दूसरे परफॉर्मेंस की घोषणा कर दी गईं।

एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में मंजरी चतुर्वेदी ने बताया कि 25 सालों में उनके साथ ऐसा पहला मौका आया है जब उन्हें कव्वाली पर नृत्य करने से रोका गया। उन्होंने कहा, ‘मुझे कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) कार्यक्रम में 15 तारीख को प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था जिसके लिए मैं दिल्ली से आई थी। 45 मिनट का कार्यक्रम था जिसमें यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई अधिकारियों को शामिल होना था।’

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कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद जितिन प्रसाद का ट्वीट

अधिकारी बोले-कव्‍वाली नहीं होगी

मंजरी ने आगे बताया, ‘कार्यक्रम के बीच अचानक म्यूजिक बंद कर दिया गया। वजह पूछी तो अधिकारियों ने कहा कि कव्वाली नहीं होगी। मैं हैरान रह गई।’ काफी समझाने पर भी जब अधिकारी नहीं माने तो मंजरी ने स्टेज में आकर माइक पर कहा, ’25 साल में मेरे साथ ऐसा पहली बार हुआ है कि कव्वाली की वजह से कार्यक्रम रोका गया लेकिन मैं तो गंगा-जमुनी तहजीब को मानती आई हूं और मैं इसे जारी रखूंगी।’ इसके बाद मंजरी स्टेज छोड़कर चली गईं।

सरकार ने दी समय की कमी की दलील

मंजरी ने आगे कहा कि हालांकि सरकार की तरफ से अब सफाई आई है जिसमें उन्होंने कहा कि समय कम होने की वजह से कार्यक्रम बीच में रोकना पड़ा। मंजरी ने बताया कि यूपी सरकार ने उनसे 27 जनवरी को यूपी दिवस के कार्यक्रम के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है जिसमें सीएम योगी भी शिरकत करेंगे। वहां मंजरी की परफॉर्मेंस में कव्वाली को शामिल किया जाएगा।

‘किसी तरह का धार्मिक मुद्दा नहीं’

इस मामले में संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव जीतेंद्र कुमार का कहना है, ‘बारिश के कारण कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री असोसिएशन के सभी कल्चरल परफार्मेंस में देरी हुई। मंजरी चतुर्वेदी को 45 मिनट का समय मिला था और उनकी दो परफॉर्मेंस हो चुकी थीं… इसके बाद बृज का कार्यक्रम भी बाकी था और सीएम को भी आना था… लेट हो रहे शेड्यूल को मैनेज करने के लिए मंजरी चतुर्वेदी के परफार्मेंस को छोटा कराया गया। किसी अधिकारी को कव्वाली से दिक्कत नहीं थी, उन्हें कोई मिसकम्यूनिकेशन हुआ होगा…।’ सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसमें किसी तरह का धार्मिक मुद्दा नहीं है। सिर्फ समय की कमी की वजह से परफॉर्मेंस रोकी गई थी।

कांग्रेस ने उठाये सरकार पर सवाल

इस मामले में कांग्रेस ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद जितिन प्रसाद ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा, ‘एक जानी मानी आर्टिस्ट को लखनऊ में परफॉर्मेंस करने से रोका गया… जो शहर अपनी संस्कृति और गंगा जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। योगी राज में संगीत पर भी धार्मिक रंग चढ़ गया है या फिर यह मंजरी चतुर्वेदी की जाति है जो अधिकारियों को एक कलाकार को अपमानित करने का लाइसेंस दे रही है।

कथक की मशहूर डांसर हैं मंजरी

बता दें कि मंजरी चतुर्वेदी मशहूर कथक डांसर हैं जिन्होंने सूफी कथक को इजाद किया है। वह लखनऊ घराने से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने ताज महल से लेकर सिडनी के ओपेरा हाउस तक में अपनी परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने मशहूर गीतकार गुलजार के लिखे गीत तेरे इश्क में सूफी म्यूजिक का विडियो भी शूट किया है जिसे विशाल भारद्वाज ने डायरेक्ट किया था। वह दुनिया भर में 22 से ज्यादा देशों में 300 से अधिक कॉन्सर्ट में अपनी परफॉर्मेंस दे चुकी हैं।

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