राशि

राशि से नवम भाव में केतु मंगल का शुभ योग काम के साथ ही साथ पारिवारिक जीवन के लिए शुभ रहेगा। धन, पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परीक्षा की दिशा में किया गया श्रम सार्थक होगा। विरोधी परास्त होंगे।
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आप किसी मुसीबत में फंस सकते हैं, आपको विश्वासघात करने के कारण सजा मिल सकती है। स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दी न करें।
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दिन का आरंभ आनंददायक रहेगा। साझेदारों के साथ भी आज संबंध अच्छे रहेंगे, दोपहर बाद कुछ परेशानी हो सकती है। रोगों के पीछे आकस्मिक खर्च हो सकता है। लेकिन अचानक लाभ भी मिल जानें से स्थिति संतुलित रहेगी।
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(आज भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक और फ़िल्म सम्पादक राजकुमार हिरानी का जन्मदिन है, इन्हें जन्मदिन की ढ़ेरों बधाई। साथ ही उन सभी लोगो को जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई जिनका आज जन्मदिन है।) यह वर्ष स्वर्ण पाद से प्रवेश हो रहा है। इस वर्ष मंगल और शुक्र मिश्रित फलकारक हैं। इस
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राष्ट्रीय मिति कार्तिक 29 शक संवत् 1940 कार्तिक शुक्ला द्वादशी मंगलवार विक्रम संवत् 2075। सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 04, रवि उल्लावल 11, हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 20 नवम्बर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल अपराह्न 3 बजे से 4बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि अपराह्न 2 बजकर 41 मिनट तक
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समुद्र शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के शरीर पर प्राकृतिक तौर पर उकरे चिन्हों और तिलों के साथ ही हथेली की रेखाओं को देखकर व्यक्ति के भविष्य के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है। प्रकृति कई संकेतों के द्वारा मानव को भविष्य में मनलनेवाली उपलब्धि के बारे में बताती है। आइए, आज आपकी हथेली
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देवउठानी एकादशी यानी 19 नवंबर से चार महीनों से बंद हुए शुभ कार्य शुरू हो गए हैं। अब 14 दिसंबर को सूर्य गुरु की राशि धनु में प्रवेश कर जाएंगे और सूर्य जब भी गुरु की राशि में आते हैं तो उसके एक महीने की अवधि तक कोई शुभ कार्य नहीं होता। इस अवधि को
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देवोत्थान एकादशी के दिन से शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। शादी में होनेवाली रस्में, रीति रिवाज बड़े ही जोश के साथ लोग इन नियमों को फॉलो करते हैं। चाहें वर पक्ष हो या फिर वधु पक्ष पुराने जमाने से चली आ रही परंपराएं आज भी निभाई जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते
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मराठा भूमि के वीर सपूत शिवजी, पराक्रमी और धार्मिक विचारों के राजा थे। उनकी माता जीजाबाई उन्हें जीवन से जुड़े नीति-नियम और धार्मिक कथाओं का ज्ञान दिया करती थीं। अपनी वीरता और ज्ञान के बल पर शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की नीव रखी और इसे एक नया आयाम दिया। जब शिवाजी का राजतिलक हुआ तब
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बैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव और भगवान विष्णु के एकाकार स्वरूप को समर्पित है। देवप्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु चार माह की नींद से जागते हैं और चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा करते हैं। इस तिथि पर जो भी मनुष्य
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डॉ. अश्विनी शास्त्रीइस सप्ताह का शुभारंभ कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के साथ हो रहा है। यह शुक्ल पक्ष इसी सप्ताह 23 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा वाले दिन समाप्त हो जाएगा और अगले ही दिन यानी 24 नवंबर, शनिवार से मार्गशीर्ष मास का कृष्ण पक्ष आरंभ हो जाएगा। इस सप्ताह हरि प्रबोधिनी
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गुरुपूरब से 11 या 21 दिन पहले दिल्ली ही नहीं बल्कि देश-विदेश में प्रभात फेरियां निकाली जाती हैं। प्रभात फेरी में प्रभात का अर्थ सुबह के समय से है, यानी कि सुबह 4 बजे के बाद जो समय है वह प्रभात का है और फेरी का मतलब होता है आसपास घूमना… इसलिए प्रभात फेरी वह
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हरीश बड़थ्वालईसा मसीह ने कहा था कि मनुष्य केवल भोजन के बूते जिंदा नहीं रह सकता। उनके इस संदेश के पीछे यह भाव है कि प्रभुकृपा बने रहने के लिए अपने आध्यात्मिक और भावनात्मक पक्षों को निरंतर पुष्ट करते रहना उतना ही आवश्यक है, जितनी उदरपूर्ति जरूरी है। भोजन ग्रहण करने वाला तृप्त होकर दाता
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संकलन: राधा नाचीजभक्त रैदास जाति से चर्मकार थे, किंतु साधु-संतों की बड़ी सेवा करते थे। एक बार एक साधु उनके पास आया। रैदास ने उसे भोजन कराया और अपने बनाए हुए जूते उसे पहनाए। साधु बोला, ‘रैदासजी, मेरे पास एक अनमोल वस्तु है। आप साधु-संतों की सेवा करते हैं, इस कारण मैं उसे आपको दूंगा।
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सोमवार से विवाहमय होने जा रही है। मॉनसून के चार माह देवशयन काल होने के चलते विवाह आयोजन नहीं हो पा रहे थे। लेकिन सोमवार को देव प्रबोधिनी एकादशी (देवोत्थान) होने से विवाह का अनसूझा साया है। साया होने के बावजूद बृहस्पति अस्त है, इसलिए अनसूझे साये को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। पंडितों
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