फ़िल्म रिव्यू

टाइम्स न्यूज नेटवर्क, Thu,10 Jan 2019 10:46:15 +05:30 हमारी रेटिंग 3.5 / 5 पाठकों की रेटिंग 3.5 / 5 कलाकाररजनीकांत,विजय सेतुपति,सिमरन,नवाजुद्दीन सिद्दीकी निर्देशक कार्तिक सुब्बाराज मूवी टाइपऐक्शन,ड्रामा अवधि2 घंटा 51 मिनट
0 Comments
रेणुका व्यवहारेकहानी: यह फिल्म साल 2016 में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है। बताया जाता है कि सेना के इस ऑपरेशन में 35-50 तक आतंकवादी मारे गए थे। यह सर्जिकल स्ट्राइक आतंकियों द्वारा उड़ी में किए गए हमले का जवाब था जिसमें 19 भारतीय जवान
0 Comments
आज भले ही ब्रह्मांड में हर तरफ आपसी रंजिश और जंग छिड़ी हुई है, लेकिन एक प्यार भरा रिश्ता इन तमाम नफरतों पर कहीं भारी है। इतना ही नहीं, दिल का यह खूबसूरत रिश्ता सिर्फ किसी अपने या अपने जैसों से नहीं, बल्कि दूसरे ग्रह से आए विशालकाय मशीनी मानव और धरती की एक 18
0 Comments
Simmba movie review: एक मनोरंजक-मसाला फिल्म को किस चीज की दरकार होती है? डांस, ऐक्शन, कॉमिडी , कैची वन लाइनर्स, रोमांस और एक जांबाज गुड लुकिंग हीरो की, जो वक्त पड़ने पर एक साथ 20-50 लोगों को धूल चटा सके। रणवीर सिंह की ‘सिम्बा’ भी टिपिकल रोहित शेट्टी स्टाइल की मसाला मूवी है, जिसमें ये
0 Comments
सुनैना सुरेशरॉकी एक महत्वाकांक्षी लड़का है, जो सबसे ज्यादा अमीर और सफल आदमी बनकर मरने का ख्वाब देखता है और यह सपना उसका खुद का नहीं बल्कि उसकी मां का है। मुंबई के सड़कों से लेकर KGF के मैदान तक वह बस अब अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने में जुट जाता है। प्रशांत नील
0 Comments
रचित गुप्ताकहानी: बउआ सिंह (शाहरुख खान) मेरठ का रहने वाला एक ऐसा शख्स है जो वर्टिकली चैलेंज्ड है, लेकिन वह दिल का बेहद अच्छा इंसान है। उसे आफिया (अनुष्का शर्मा) नाम की एक वैज्ञानिक से प्यार हो जाता है। आफिया सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित है। दोनों की यह अनूठी प्रेम कहानी भारत से अमेरिका पहुंच
0 Comments
‘स्पाइडर मैन इनटु द स्पाइडर- वर्स’ एक ऐनिमेशन फिल्म है, जिसमें बेहतरीन ऐक्शन दिखाया गया है, तो स्पाइडर मैन के फैन्स के लिए आधा स्पाइडर मैन मौजूद हैं। यह फिल्म कॉमिक्स की कहानी पर आधारित है। फिल्म की कहानी के मुताबिक माइल्स मोरेल्स न्यू यॉर्क के ब्रूकलिन में रहता है। उसकी अपने पुलिस ऑफिसर पापा
0 Comments
डीसी कॉमिक्स के कैरक्टर ऐक्वामैन पर बेस्ड फिल्म ‘ऐक्वामैन’ का रिलीज से पहले ही जबर्दस्त क्रेज है। इस फिल्म की रिलीज डेट काफी पहले ही 21 दिसंबर अनाउंस कर दी गई थी। ऐसे में, इसका मुकाबला शाहरुख खान की अगले हफ्ते रिलीज हो रही महत्वाकांक्षी फिल्म ‘जीरो’ से होता। शायद 14 दिसंबर की रिलीज डेट
0 Comments
एम. सुगंधफिल्म ‘2.0‘ की मुख्य कहानी यह है कि एक पक्षीविज्ञानी सूइसाइड कर लेता है ताकि वह इंसानों से बदला ले सके क्योंकि मोबाइल फोन के रेडिएशन से पक्षियों को नुकसान पहुंच रहा है। उस पक्षीविज्ञानी और इंसानों के बीच केवल चिट्टी का अपग्रेडेड वर्जन ‘2.0’ है। कहानी: फिल्म की शुरू होती है तो एक
0 Comments
आपका अतीत कभी-कभी ब्लैकहोल जैसा होता है। ज्यादा नजदीक जाओगे, तो आपको खुद में खींच लेगा! जी हां, यह फिल्म एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो अपने अतीत से दूर भागती है, लेकिन उसका अतीत उसे अपनी ओर खींच ही लेता है। कहानी की लीड किरदार लिसबथ नाम की लड़की है, जो अपने पिता
0 Comments
प्रशांत जैन, नवभारतटाइम्स.कॉम, Fri,23 Nov 2018 12:58:38 +05:30 हमारी रेटिंग 4 / 5 पाठकों की रेटिंग 4 / 5 कलाकारजॉन सी रियली,सारा सिल्वरमैन,गेल गैडोट,जेन लिंच,एल्फ्रेंड मोलिना निर्देशक रिच मूर,फिल जॉन्सटन अवधि1 घंटा 53 मिनट
0 Comments
ऐसा लगता है बॉक्स आफिस पर इस दीवाली को रिलीज हुई करीब 300 करोड़ के भारी भरकम बजट में बनी यशराज बैनर की आमिर, बिगबी स्टारर ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ का बुरी तरह से फ्लॉप होना बरसों से एक अदद हिट के लिए तरस रहे ऐक्शन स्टार सनी देओल के लिए मंगलमयी रहा। ठग्स के पिटने
0 Comments
एक 2 साल की बच्ची घर में बिल्कुल अकेली हो, तो उसका अपना ही घर उसके लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका रोंगटे खड़े करने वाला सिनेमाई चित्रण है फिल्म ‘पीहू‘। विनोद कापड़ी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘पीहू’ इसी सेंट्रल आइडिया पर बुनी गई है कि अगर एक छोटा बच्चा घर में
0 Comments
प्रशांत जैन, नवभारतटाइम्स.कॉम, Fri,16 Nov 2018 16:24:58 +05:30 हमारी रेटिंग 3.5 / 5 पाठकों की रेटिंग 3.5 / 5 कलाकारएडी रेडमायने,जॉनी डीप,जूड लॉ,डैन फॉगलर,कैथरीन वॉटरस्टन निर्देशक डेविड येट्स मूवी टाइपAdventure,Fantasy अवधि2 घंटा 14 मिनट
0 Comments
‘जो मजा बनारस में, वह पेरिस में, न फारस में।’ बनारस की इसी अलहदा संस्कृति और बाजारवाद के जद में इसके बदलते स्वरूप की दास्तान है निर्देशक चंद्र प्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी‘। फिल्म बनारस के बहाने बाजारवाद की चपेट में आकर धराशायी होते सामाजिक और नैतिक मूल्य, धर्म और आस्था के नाम पर
0 Comments