बायोकेमेस्ट्री में करियर की अपार संभावनाएं

कैरियर, जॉब junction

सांकेतिक तस्वीर

बायोकेमेस्ट्री में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी वजह है देश में बढ़ता रिसर्च का फील्ड। मेडिसिन, मेडिकल साइंस, ऐग्रिकल्चर, फॉरेंसिक साइंस या फिर हमारा पर्यावरण, सब इस सब्जेक्ट के दायरे में हैं। बायोकेमेस्ट्री दरअसल बायोलॉजिकल प्रोसेस के दौरान होने वाले केमिकल कॉम्बिनेशन और रिएक्शन का अध्ययन है। रिसर्च में रुचि रखने वालों के लिए इस फील्ड में अपार संभावनाएं हैं। बल्कि यूं कहें, हर रोज संभावनाएं बढ़ रही हैं। बेहतर बात तो यह है कि बायोटेक्नोलॉजी या माइक्रोबायोलॉजी आदि की तरह इस सब्जेक्ट की पढ़ाई के लिए आपको ज्यादा भटकना भी नहीं पड़ता। तमाम जानीमानी यूनिवर्सिटीज मे बायोकेमेस्ट्री का कोर्स उपलब्ध है।

करियर स्कोप
बायोकेमेस्ट्री में मास्टर्स डिग्री लेकर बतौर ड्रग रिसर्चर, फॉरेंसिक साइंटिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, रिसर्च फील्ड और अन्य क्षेत्रों में जॉब उपलब्ध हैं। सैलरी भी अच्छी खासी मिल जाती है। करियर के शुरुआत में ही आप औसतन 20 से 25 हजार प्रति माह की नौकरी पा लेते हैं। जो रिसर्च फील्ड में नहीं जाना चाहते, वे नेट या पीएचडी की डिग्री हासिल कर टीचिंग के क्षेत्र में भी अपने करियर को आकार दे सकते हैं। टीचिंग के क्षेत्र में सिर्फ सामान्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ही नहीं, बायोकेमेस्ट्री के लिए मेडिकल, डेंटल या फिर एनिमल्स डॉक्टर्स वगैरह में भी काफी स्कोप है। सेल्स ऐंड मार्केटिंग में भी इस फील्ड की अपार संभावनाएं हैं।

क्वॉलिफिकेशन
आमतौर पर चार सेमेस्टर या दो ईयर के इस प्रोग्राम में मास्टर्स डिग्री के लिए कम से कम केमेस्ट्री के साथ साइंस में ग्रैजुएशन की डिग्री जरूरी है। कई संस्थानों में पीजी करने के लिए ग्रैजुएशन भी बायोकेमेस्ट्री में होना चाहिए। वे छात्र जिन्होंने इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी, बॉटनी, फिजियोलॉजी जैसे विषय से ग्रैजुएशन किया हो और ग्रैजुएशन में केमेस्ट्री की पढ़ाई की हो, कई यूनिवर्सिटियां उन्हें भी एमएससी बायोकेमेस्ट्री में ऐडमिशन के योग्य मानती हैं।

ऐडमिशन
ऐडमिशन के लिए यूनिवर्सिटीज के अलग-अलग नियम हैं। कहीं सिर्फ नंबर बेसिस पर ऐडमिशन मिल जाता है तो कहीं टेस्ट की प्रक्रिया है। ग्रैजुएशन के मार्क्स के आधार पर ऐडमिशन देने में भी यूनिवर्सिटियों के अपने-अपने नियम हैं। कहीं कम से कम 50 फीसदी मार्क्स की जरूरत होती है, तो कहीं 55 और कहीं फर्स्ट क्लास। ज्यादा जानकारी अपने पसंद के संस्थान से ली जाती है। कई यूनिवर्सिटियों में ऐडमिशन प्रोसेस जारी है।

इंस्टिट्यूट्स

कोर्स: एम एस सी अडवांस बायोकेमेस्ट्री, एमएससी मेडिकल बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: मद्रास यूनिवर्सिटी।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: दिल्ली यूनिवर्सिटी।

कोर्स: एम. एससी मेडिकल बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: जिपमेर, पुडुचेरी।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: प्रवरा रूरल यूनिवर्सिटी, अहमदनगर (महाराष्ट्र)

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: साइंस कॉलेज, पटना

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: हैदराबाद यूनिवर्सिटी

कोर्स: एम. एससी मेडिकल बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: एम्स, नई दिल्ली।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: कालीकट यूनिवर्सिटी

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, हिसार

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: गोवा यूनिवर्सिटी

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: आंध्रा यूनिवर्सिटी

कोर्स: एम. एससी बायोकेमेस्ट्री

संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

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